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जिला प्रशासन दबाव में आकर सील न खोले.जनता के बीच गलत संदेश जाएगा.-शशिकांत शर्मा

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क्या लॉक डाउन में अनियमितता-
ग़ैरकानूनी-अवांछित कर्मों के कारण कुछ दुकानों पर जुर्माने एवं उन्हें सील करने का यह पहला प्रकरण है??
नही न.तब अभी इतनी कपि-कूद क्यों??प्रशासन को ब्लैकमेल करने,
अपने निर्णय को बदलने का नाटकीय दबाव किसलिये??
जिले के आला हुक्मरानों से अपेक्षा है कि सील की गई दुकानों के मालिकों एवं कल दुकानें बंद करने और करवाने वाले समाज के कंटकों पर राष्ट्रीय आपदा एवं महामारी नियंत्रण की कठोर धाराओं के तहत सख्त कार्यवाही कर इन तत्वों पर शिकंजा कसे.
जनता “चोरी और सीनाजोरी करने
वालों” के पुरजोर विरोध में लामबंद है एवं शासन-प्रशासन के साथ है.

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