राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मां दंतेश्वरी मंदिर में किए दर्शन, देश की सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना

जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर दौरे पर पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शुक्रवार को जगदलपुर स्थित प्रसिद्ध मां दंतेश्वरी मंदिर में दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना की। उन्होंने बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी के समक्ष देशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि और कल्याण की कामना की। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भी मौजूद रहे। मंदिर पहुंचने पर राष्ट्रपति का पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ स्वागत किया गया।
राष्ट्रपति का मां दंतेश्वरी मंदिर में दर्शन-पूजन बस्तर की धार्मिक आस्था और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के लिहाज से महत्वपूर्ण रहा। मां दंतेश्वरी बस्तर की आराध्य देवी हैं और क्षेत्र के सामाजिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक जीवन में उनका विशेष स्थान है।
मां दंतेश्वरी के दर्शन कर लिया आशीर्वाद
बस्तर प्रवास के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मां दंतेश्वरी मंदिर में पूजा-अर्चना कर देश की उन्नति और नागरिकों के मंगलमय जीवन के लिए प्रार्थना की। स्थानीय परंपराओं के अनुसार, मां दंतेश्वरी के प्रति बस्तरवासियों की गहरी आस्था है। मंदिर न केवल धार्मिक श्रद्धा का केंद्र है, बल्कि क्षेत्र की ऐतिहासिक पहचान और सांस्कृतिक परंपराओं का भी महत्वपूर्ण प्रतीक है।
मंदिर में सालभर श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। विशेष अवसरों और बस्तर दशहरा के दौरान यहां देवी आराधना का महत्व और बढ़ जाता है। ऐसे में राष्ट्रपति का मंदिर पहुंचना स्थानीय धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं के प्रति सम्मान का प्रतीक माना जा रहा है।
राज्यपाल और मुख्यमंत्री भी रहे मौजूद
राष्ट्रपति के दर्शन-पूजन के दौरान राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर प्रदेश और देश की सुख-समृद्धि, शांति तथा निरंतर प्रगति की कामना की गई।
राष्ट्रपति का बस्तर आगमन छत्तीसगढ़ के लिए महत्वपूर्ण अवसर रहा। मां दंतेश्वरी मंदिर में उनकी उपस्थिति ने बस्तर की धार्मिक आस्था और ऐतिहासिक विरासत को विशेष महत्व प्रदान किया।
बस्तर दशहरा में मां दंतेश्वरी की विशेष भूमिका
बस्तर की सांस्कृतिक पहचान में मां दंतेश्वरी मंदिर का विशिष्ट स्थान है। यहां की धार्मिक परंपराएं सदियों से स्थानीय समाज और जनजातीय जीवन से जुड़ी हुई हैं। बस्तर दशहरा भी इसी समृद्ध विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसकी परंपराएं देश के अन्य क्षेत्रों में मनाए जाने वाले दशहरा उत्सव से अलग हैं और इसमें देवी मां की आराधना की केंद्रीय भूमिका रहती है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का मां दंतेश्वरी मंदिर में दर्शन करना बस्तर की आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत के महत्व को रेखांकित करने वाला अवसर रहा।






