छत्तीसगढ़

रहनुमा नाज ने राष्ट्रीय मंच पर जीता कांस्य पदक, गुरुकुल स्कूल का बढ़ाया गौरव

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अंडर-14 के -24 किलोग्राम भार वर्ग में हासिल की सफलता, कोच ने कहा- पदक मेहनत और हौसले का परिणाम

पुसौर। श्री स्वामीनारायण गुरुकुल इंटरनेशनल स्कूल की छात्रा रहनुमा नाज ने मार्शल आर्ट्स प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए अंडर-14 के -24 किलोग्राम भार वर्ग में कांस्य पदक हासिल किया है। इस उपलब्धि के साथ रहनुमा ने स्कूल के खेल इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ा है। बताया गया कि गुरुकुल स्कूल के इतिहास में इस स्तर पर पदक हासिल करने वाली वह पहली खिलाड़ी हैं।

रहनुमा की इस उपलब्धि से उनके माता-पिता, स्कूल प्रबंधन, कोच और खेल प्रेमियों में खुशी का माहौल है। राष्ट्रीय स्तर के मंच पर हासिल इस सफलता को क्षेत्र के लिए भी महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

संघर्ष और मेहनत का परिणाम है पदक

रहनुमा के कोच रोहित कुमार ने कहा कि पदक केवल धातु का टुकड़ा नहीं होता, बल्कि उसके पीछे खिलाड़ी की मेहनत, संघर्ष और आत्मविश्वास जुड़ा होता है। उन्होंने कहा कि रहनुमा ने बड़े मंच पर अपने प्रदर्शन से सभी को गौरवान्वित किया है।

कोच के मुताबिक प्रतियोगिता का सफर आसान नहीं था। हर मुकाबले के पीछे लंबे समय की तैयारी और कड़ी मेहनत रही। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद रहनुमा ने अपना आत्मविश्वास बनाए रखा और मुकाबलों में हार न मानने का जज्बा दिखाया।

उन्होंने कहा कि कई लोगों को शुरुआत में लगता था कि रहनुमा यह मुकाम हासिल नहीं कर पाएगी, लेकिन टीम को अपनी तैयारी और खिलाड़ी की क्षमता पर भरोसा था। आखिरकार रहनुमा ने पदक जीतकर अपनी मेहनत को साबित कर दिया।

हरियाणा जैसे मजबूत खेल मैदान से पदक लाना बड़ी उपलब्धि

कोच रोहित कुमार ने कहा कि रहनुमा अभी छोटी है और शायद उसे अंदाजा नहीं है कि उसने कितनी बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने कहा कि जहां कई अनुभवी खिलाड़ी भी प्रतियोगिता से खाली हाथ लौटते हैं, वहां राष्ट्रीय स्तर के मंच से पदक लेकर लौटना अपने आप में महत्वपूर्ण है। खासकर हरियाणा जैसे राज्यों में आयोजित प्रतियोगिता में पदक हासिल करना खिलाड़ी की मेहनत को दर्शाता है।

पहले भी राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर कर चुकी हैं प्रदर्शन

सीडीएस मार्शल आर्ट्स के सचिव राहुल कुमार पटेल ने बताया कि रहनुमा शुरुआत से ही अपने आयु वर्ग की प्रतिभाशाली खिलाड़ियों में रही हैं। इससे पहले भी वह राज्य और राष्ट्रीय स्तर की विभिन्न प्रतियोगिताओं में स्वर्ण और रजत पदक हासिल कर चुकी हैं।

उन्होंने कहा कि रहनुमा की उपलब्धियों से एनटीपीसी लारा और श्री स्वामीनारायण गुरुकुल इंटरनेशनल स्कूल का नाम भी गौरवान्वित हुआ है।

बच्चों को खेलों से जोड़ने पर जोर

राहुल कुमार पटेल ने बताया कि सीडीएस मार्शल आर्ट्स के माध्यम से देश के विभिन्न राज्यों में बच्चों को मार्शल आर्ट्स का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य छोटे बच्चों और युवाओं को खेलों से जोड़ना और उनकी प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराना है।

उन्होंने कहा कि मोबाइल और अन्य डिजिटल गतिविधियों में अधिक समय बिताने के बजाय बच्चों को खेलों के प्रति प्रेरित करना जरूरी है। खेलों के माध्यम से अनुशासन, आत्मविश्वास और शारीरिक क्षमता का विकास होता है। रहनुमा जैसी खिलाड़ी आगे आने वाले बच्चों के लिए प्रेरणा बन सकती हैं।

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