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रायपुर बारिश : रिकॉर्ड वर्षा से शहर बेहाल, जलभराव ने खोली तैयारियों की पोल

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169 मिमी बारिश के बाद कई कॉलोनियां जलमग्न, घरों में घुसा नाले का पानी, लोगों को रातभर झेलनी पड़ी परेशानी

रायपुर। राजधानी रायपुर में रिकॉर्ड बारिश ने नगर निगम की मानसून तैयारियों की पोल खोल दी। रविवार शाम तक 169 मिमी वर्षा दर्ज होने के बाद शहर के कई हिस्सों में जलभराव की गंभीर स्थिति बन गई। सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं, जबकि कई कॉलोनियों और निचली बस्तियों में नालों और नालियों का गंदा पानी घरों में घुस गया। कई परिवारों को रातभर पानी के बीच गुजारनी पड़ी।

नाला सफाई के दावे बारिश में बह गए

नगर निगम ने मानसून से पहले तीन चरणों में नालों और नालियों की सफाई कराने का दावा किया था। इसके लिए अतिरिक्त सफाई कर्मचारियों, जेसीबी और पोकलेन मशीनों की भी व्यवस्था की गई थी। बावजूद इसके, तेज बारिश के दौरान अधिकांश नाले ओवरफ्लो हो गए और गंदा पानी रिहायशी इलाकों में भर गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नालों की गहराई तक सफाई नहीं होने से जल निकासी बाधित हुई।

कई इलाकों में घरों तक पहुंचा पानी

प्रोफेसर कॉलोनी, शीतला कॉलोनी, डबरीपारा, परशुराम नगर, सारथीपारा, पोतदारपारा, समता कॉलोनी, गांधीनगर, कबीरनगर, आदर्श चौक, आशियाना फेज-4 और पुराना राजेंद्र नगर सहित कई इलाकों में घरों के आंगन, कमरों और रसोई तक पानी भर गया। कई परिवार भोजन तक नहीं बना सके। बाद में नगर निगम और जनप्रतिनिधियों ने प्रभावित लोगों तक भोजन और नाश्ता पहुंचाने की व्यवस्था की।

जल निकासी में देरी से बढ़ी नाराजगी

शहीद चूड़ामणि नायक वार्ड के सारथीपारा और पोतदारपारा में जलभराव की सूचना मिलने के बावजूद मोटर पंप पहुंचने में करीब तीन घंटे लग गए। इससे लोगों में निगम प्रशासन के प्रति नाराजगी देखने को मिली। स्थानीय लोगों का कहना है कि धोबी तालाब के आसपास अतिक्रमण और नालों की नियमित सफाई नहीं होने से हर वर्ष ऐसी स्थिति बनती है।

अतिक्रमण और बंद नालों को बताया कारण

गांधीनगर में अरमान नाले की सफाई नहीं होने, कबीरनगर में नाला बंद किए जाने तथा पुराना राजेंद्र नगर में नाले पर अतिक्रमण और पुलिया अवरुद्ध होने को जलभराव का प्रमुख कारण बताया जा रहा है। जनप्रतिनिधियों ने इन समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए अतिक्रमण हटाने और जल निकासी व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।

स्थायी समाधान की जरूरत

लगातार बढ़ रही बारिश और बार-बार जलभराव की घटनाओं ने शहर की ड्रेनेज व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल मानसून पूर्व सफाई के दावे पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि नालों का नियमित रखरखाव, अतिक्रमण हटाना और जल निकासी के स्थायी इंतजाम जरूरी हैं, ताकि हर बारिश में शहर को ऐसी स्थिति का सामना न करना पड़े।

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