RBI Repo Rate : रेपो रेट 5.25% पर बरकरार, महंगाई और वैश्विक चुनौतियों के बीच लिया फैसला

नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने एक बार फिर रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर स्थिर रखने का निर्णय लिया है। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बुधवार को एमपीसी बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी दी।
इस साल रेपो रेट में नहीं हुआ बदलाव
आरबीआई ने वर्ष 2026 में अब तक रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। इससे पहले दिसंबर 2025 में केंद्रीय बैंक ने रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की कटौती की थी। मौद्रिक नीति समिति ने ब्याज दरों को लेकर अपना रुख न्यूट्रल बनाए रखा है।
आरबीआई हर दो महीने में मौद्रिक नीति की समीक्षा करता है। इस वर्ष फरवरी, अप्रैल, जून और अगस्त में एमपीसी की बैठकें हो चुकी हैं। अगली बैठक अक्टूबर 2026 में प्रस्तावित है।
खुदरा महंगाई बनी चुनौती
आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि देश में खुदरा महंगाई अभी भी अनुमान से अधिक बनी हुई है। खाद्य पदार्थों और ईंधन की कीमतों का इसमें बड़ा योगदान है। उन्होंने कहा कि सप्लाई से जुड़ी चुनौतियां और मानसून की अनिश्चितता के कारण आर्थिक परिदृश्य पर नजर बनाए रखना जरूरी है।
हालांकि उन्होंने कहा कि मजबूत घरेलू मांग देश की आर्थिक वृद्धि को लगातार समर्थन दे रही है।
भारत सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल
आरबीआई गवर्नर ने कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में बना हुआ है। उन्होंने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को वैश्विक व्यापार और प्रमुख व्यापारिक मार्गों के लिए चुनौती बताया।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में खुदरा महंगाई में कुछ बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है, लेकिन तीसरी तिमाही में इसके चरम पर पहुंचने के बाद इसमें गिरावट आने की संभावना है।








