छत्तीसगढ़

लगातार बारिश से बालोद में रेलवे ट्रैक धंसा, दुर्ग-दल्लीराजहरा रेलखंड पर परिचालन प्रभावित

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बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में पिछले करीब 36 घंटे से जारी लगातार बारिश ने जनजीवन के साथ रेल परिचालन को भी प्रभावित कर दिया है। भारी बारिश के कारण दुर्ग-दल्लीराजहरा रेलखंड पर लाटाबोड़-गुंडरदेही के बीच इरागुड़ा के पास रेलवे ट्रैक के धंसने की स्थिति सामने आई है। ट्रैक पर पानी भरने और मिट्टी के धंसाव से रेल यातायात प्रभावित हुआ है।

इरागुड़ा के पास ट्रैक पर आया धंसाव

लगातार बारिश के कारण इरागुड़ा के पास रेलवे ट्रैक के आसपास जलभराव की स्थिति बन गई। पानी के दबाव और लगातार बारिश के चलते ट्रैक के नीचे की जमीन धंसने की सूचना सामने आई है। इसके बाद रेल परिचालन को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है।

रेलवे ट्रैक पर इस तरह की स्थिति सामने आने के बाद इस रेलखंड से गुजरने वाली ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित होने की संभावना है। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए रेलवे की ओर से आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

36 घंटे से लगातार बारिश का असर

बालोद जिले में बीते करीब 36 घंटे से रुक-रुककर नहीं बल्कि लगातार बारिश का दौर बना हुआ है। कई इलाकों में पानी भरने की स्थिति पैदा हो गई है। लगातार बारिश के कारण सड़क और रेल मार्ग दोनों पर असर देखने को मिल रहा है।

दुर्ग-दल्लीराजहरा रेलखंड में ट्रैक धंसने की घटना भी इसी भारी बारिश का असर मानी जा रही है। ट्रैक के आसपास जलभराव होने से रेलवे कर्मचारियों के लिए स्थिति की निगरानी करना जरूरी हो गया है।

रेल यात्रियों की बढ़ी परेशानी

रेल परिचालन प्रभावित होने से इस मार्ग पर यात्रा करने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ट्रैक की स्थिति सामान्य होने तक ट्रेनों के संचालन में बदलाव, देरी या अन्य परिचालन संबंधी निर्णय लिए जा सकते हैं।

यात्रियों को सलाह दी गई है कि यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति और रेलवे की ओर से जारी जानकारी जरूर जांच लें।

रेलवे की टीम कर रही स्थिति पर नजर

ट्रैक पर जलभराव और धंसाव की सूचना के बाद रेलवे स्तर पर स्थिति की निगरानी की जा रही है। ट्रैक को सुरक्षित बनाने और रेल परिचालन को सामान्य करने के लिए आवश्यक तकनीकी कार्रवाई की जाएगी।

बारिश की स्थिति को देखते हुए फिलहाल इस रेलखंड पर सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। ट्रैक की स्थिति पूरी तरह सामान्य होने के बाद ही रेल परिचालन को नियमित गति से संचालित किया जा सकेगा।

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