रायगढ़

गौरीशंकर मन्दिर प्रबंधन पर हुवा 28000/- का जुर्माना…।

Advertisement
Advertisement
Advertisement

सिंहघोष/रायगढ़- जिला कलेक्टर भीम सिंह के मार्गदर्शन में शहर के सफाई और स्वच्छता के भ्रमण पर निकले नगर निगम आयुक्त आशुतोष पांडे एवं निगम के पदाधिकारियों ने मंदिर से निकले हुए अपशिष्ट को केलो नदी स्थल पर पाया जिससे जल प्रदूषित हुआ था छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम अधिनियम के अंतर्गत गौरी शंकर मंदिर प्रबंधक को 28000 रु जुर्माना किया गया है।
शहर के प्रतिष्ठित गौरीशंकर मंदिर प्रबंधन द्वारा किये गए आपराधिक कृत्य के लिये नगर निगम द्वारा पहली बार ऐसी कार्यवाही की गई है जो एक चेतावनी से कम नही कि अब केलो माँ के आँचल को मैला करने वालो को बख्शा नही जाएगा। वर्तमान में स्वच्छता सर्वेक्षण के मद्देनजर शहर को स्वच्छ और साफ बनाने के लिए जिला कलेक्टर भीम सिंह के मार्गदर्शन में नगर निगम आयुक्त एवम जनप्रतिनिधियो के द्वारा लगातार शहर में महा सफाई अभियान चलाया जा रहा है,वालपेन्टिंग,प्रेरक स्लोगन,स्वच्छता गीत,नुक्कड़ कार्यक्रम आदि से साफ सफाई के लिये जागरूकता लाने प्रयास किया जा रहा है,किन्तु कुछ गैर जिम्मेदार लोगों की वजह से शहर में अभी भी गंदगी दिख रहा है,विगत 12 मार्च को नगर निगम आयुक्त एवम निगम की टीम सफाई निरीक्षण में निकली थी गौरी शंकर मंदिर से निकले हुए फुल पत्ते आदि के अपशिष्ट को वाहन क्रमांक सीजी 13 L 0247 के माध्यम से केलो नदी में प्रवाहित किया गया जिससे केलो नदी का जल प्रदूषित हुआ,जो अपराध की श्रेणी में आता है, छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 क्रमांक 23 सन 1956 की धारा 432 का तथा राज्य सरकार द्वारा बनाई गई उपविधि के अनुक्रम में आयुक्त आशुतोष पांडेय द्वारा रायगढ़ अधिनियम की धारा 432 की उपविधि की धारा 4 के अनुसूची के अधीन अपराध क्रमांक 4( ख) 5000 रु एवं अपराध क्रमांक 4( 9) 20000 रु एवं 4(8) 3000 रु कुल 28000 रु जुर्माना किया गया जिसे 7 दिवस में निगम कोष में जमा करने एवं उक्त जुर्माने की राशि जमा करने में विफल होने पर लोक न्यूसेंस की धारा 133 के तहत कार्यवाही हेतु सक्षम दंडाधिकारी को प्रस्ताव प्रेषित किया जाएगा साथ ही उक्त कार्य में संलग्न वाहन को भी जप्त किया जाएगा जिसकी समस्त जिम्मेदारी मंदिर प्रबंधक की होगी।

Advertisement

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button