छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय तीरंदाजी अकादमी की स्थापना को मंजूरी, खेलों में युवाओं को मिलेगा नया मंच

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रायपुर — छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के युवाओं को खेलों में बेहतर अवसर देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में नवा रायपुर स्थित ग्राम परसदा के सेक्टर-03 में राष्ट्रीय तीरंदाजी अकादमी की स्थापना को स्वीकृति दी गई।

मुख्यमंत्री साय ने इस निर्णय को ऐतिहासिक करार देते हुए कहा, “यह केवल एक संस्थान नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए भविष्य गढ़ने का एक सुनहरा अवसर है। हमारे राज्य में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, जरूरत है उन्हें उचित प्रशिक्षण और प्लेटफॉर्म देने की।”

विश्वस्तरीय सुविधाएं, आदिवासी प्रतिभाओं को मिलेगा मंच

एनटीपीसी लिमिटेड के सहयोग से बनने वाली यह अकादमी आउटडोर और एसी युक्त इनडोर तीरंदाजी रेंज, उच्च प्रदर्शन केंद्र, खिलाड़ियों के लिए छात्रावास और स्टाफ के लिए आवासीय परिसर जैसी आधुनिक सुविधाओं से युक्त होगी।

राज्य सरकार द्वारा खेल एवं युवा कल्याण विभाग को यह भूमि निःशुल्क दी जाएगी। 13.47 एकड़ भूमि पर बनने वाली इस परियोजना की लागत 39.22 करोड़ रुपये आंकी गई है, जिसकी प्रतिपूर्ति राज्य शासन द्वारा नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण को की जाएगी।

निर्माण कार्य की समय-सीमा तय

तीन माह के भीतर लीज अनुबंध निष्पादित कर उसका पंजीयन अनिवार्य होगा और एक वर्ष के भीतर निर्माण कार्य प्रारंभ कर इसे तीन वर्षों में पूरा करना अनिवार्य होगा।

प्राधिकरण को क्रियान्वयन एजेंसी की जिम्मेदारी सौंपी गई है, और इसके लिए आवश्यक बजटीय प्रावधान भी सुनिश्चित किए जाएंगे।

खेलों में राज्य को मिलेगी नई पहचान

यह पहली बार होगा जब छत्तीसगढ़ में तीरंदाजी जैसे पारंपरिक खेल के लिए इतनी बड़ी संरचना बनाई जा रही है। इससे खासतौर पर आदिवासी अंचलों में छिपी प्रतिभाओं को सामने लाने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि यह अकादमी छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर नई पहचान दिलाएगी।

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