बस्तर को विकसित आदिवासी मॉडल बनाने की दिशा में बड़ा कदम, अमित शाह ने पेश किया “विजन 2031” और “बस्तर 2.0 ब्लूप्रिंट”

रायपुर। कभी नक्सल हिंसा की पहचान रहा बस्तर अब विकास, समृद्धि और आत्मनिर्भरता का राष्ट्रीय मॉडल बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर “विजन 2031” और “बस्तर 2.0 ब्लूप्रिंट” के तहत क्षेत्र के व्यापक विकास की रणनीति पर काम कर रही है।
बस्तर को विकसित आदिवासी संभाग बनाने का लक्ष्य
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने बस्तर को देश का सबसे विकसित आदिवासी संभाग बनाने का संकल्प दोहराया है। इस विकास योजना में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, रोजगार, पर्यटन और जनजातीय सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी गई है।
सरकार का मानना है कि यह मॉडल आने वाले वर्षों में बस्तर की तस्वीर और तकदीर दोनों बदल देगा।
मुख्यमंत्री और गृह मंत्री की दिल्ली में अहम बैठक
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने दिल्ली में अमित शाह से मुलाकात कर बस्तर में चल रही विकास योजनाओं की जानकारी दी। इसमें मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बस्तर अभियान, अग्रणी बस्तर अभियान और विभिन्न लाभार्थी योजनाएं शामिल रहीं।
इसके बाद अमित शाह ने बस्तर के दो दिवसीय दौरे में जमीनी हालात की समीक्षा की।
“सुरक्षा से विश्वास और विकास तक” की यात्रा का संकल्प
जगदलपुर में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक और प्रेस वार्ता में अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बस्तर नक्सलवाद से मुक्त हुआ है और अब अगला लक्ष्य विकास की नई ऊंचाइयों को छूना है।
उन्होंने कहा कि आने वाले पांच वर्षों में “सुरक्षा से विश्वास, विश्वास से विकास और विकास से समृद्धि” की यात्रा पूरी करने का लक्ष्य है। साथ ही बस्तर की आय को छह गुना तक बढ़ाने की योजना भी तैयार की गई है।
नक्सलवाद के खिलाफ संघर्ष को दी श्रद्धांजलि
अमित शाह ने नक्सलवाद के खिलाफ संघर्ष में शहीद हुए सुरक्षा बलों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि इस लड़ाई में उनका बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने सुरक्षा बलों की भूमिका को निर्णायक बताया।
“सेवा डेरा मॉडल” से गांवों तक पहुंचेगी योजनाएं
सरकार ने बस्तर में स्थापित सुरक्षा कैंपों में से एक-तिहाई को “वीर शहीद गुंडाधुर सेवा डेरा” में बदलने की योजना बनाई है। इस मॉडल के तहत सरकार सीधे गांवों तक पहुंचकर योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ सुनिश्चित करेगी।







