बेमेतरा में ACB का बड़ा एक्शन, रिश्वत लेते प्रधान आरक्षक रंगे हाथ गिरफ्तार

खम्हरिया थाना में कार्रवाई से मचा हड़कंप; बिलासपुर में पटवारी और बाबू भी रिश्वत लेते पकड़े गए
रायपुर। छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। शुक्रवार को बेमेतरा जिले के खम्हरिया थाना में ACB ने बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रधान आरक्षक अजय लहरे को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पर किसी कार्य के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप है।
शिकायत के बाद बिछाया जाल, रकम लेते ही दबोचा
मिली जानकारी के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद ACB टीम ने मामले का सत्यापन किया और योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। जैसे ही आरोपी प्रधान आरक्षक ने रिश्वत की रकम ली, टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया। कार्रवाई के बाद पूरे थाना परिसर में हड़कंप मच गया।
ACB टीम ने थाना परिसर में जांच के दौरान आवश्यक दस्तावेजों और साक्ष्यों की पड़ताल शुरू कर दी है। फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।
बिलासपुर में भी ACB की ताबड़तोड़ कार्रवाई
इसी बीच बिलासपुर जिले में भी ACB ने दो अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए एक पटवारी और CSPDCL कार्यालय के बाबू को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है।
पहले मामले में रतनपुर तहसील के पटवारी भानु चंद्राकर को 25 हजार रुपये रिश्वत लेते पकड़ा गया। शिकायतकर्ता अशोक अग्रवाल ने आरोप लगाया था कि पिता के नाम दर्ज जमीन के नामांतरण के लिए आवेदन देने के बाद आरोपी ने काम करने के एवज में 40 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। सत्यापन के बाद ACB ने कार्रवाई कर आरोपी को रंगे हाथ पकड़ लिया।
मुफ्त बिजली पोल योजना में भी रिश्वतखोरी
दूसरे मामले में मस्तूरी स्थित CSPDCL कार्यालय के बाबू सहदेव कुमार चंद्रा को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया। शिकायतकर्ता त्रिलोकी साहू ने बताया कि कृषि कार्य के लिए शासन की योजना के तहत निःशुल्क बिजली पोल लगाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के नाम पर आरोपी ने रिश्वत मांगी थी।
भ्रष्टाचार पर सख्ती जारी
ACB अधिकारियों ने बताया कि सभी आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित अधिनियम) की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया है। तीनों मामलों में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।







