रायगढ़ में बल्क वेस्ट जेनरेटर रडार पर, कचरा प्रबंधन के नए नियमों का सख्त पालन होगा

रायगढ़। कचरा प्रबंधन को लेकर लगातार प्रयासों के बावजूद रायगढ़ में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्था अभी भी पूरी तरह प्रभावी नहीं हो पाई है। जितना कचरा रोज उत्पन्न हो रहा है, उतना वैज्ञानिक तरीके से अलग-अलग (सेग्रीगेट) नहीं किया जा रहा। अब ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के नए नियम लागू होने के बाद बड़े स्तर पर कचरा उत्पन्न करने वाले संस्थान प्रशासन के रडार पर आ गए हैं।
बल्क वेस्ट जेनरेटर का होगा अनिवार्य पंजीयन
सुप्रीम कोर्ट ने एक सिविल अपील पर आदेश देते हुए 1 अप्रैल 2026 से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत नगरीय निकायों को अपने क्षेत्र में बल्क वेस्ट जेनरेटर (Bulk Waste Generator) की पहचान करनी होगी।
इनमें होटल, अस्पताल, शैक्षणिक संस्थान, बड़े बाजार और आवासीय कॉलोनियां शामिल हैं, जहां से रोज बड़ी मात्रा में कचरा निकलता है।
सीपीसीबी पोर्टल पर होगी निगरानी
Central Pollution Control Board (सीपीसीबी) ने 1 जून से एक विशेष पोर्टल लॉन्च किया है, जिसमें बल्क वेस्ट जेनरेटर का पंजीयन अनिवार्य किया गया है। इसी पोर्टल के माध्यम से उनकी निगरानी भी की जाएगी।
हालांकि, जानकारी के अनुसार नगर निगम अब तक ऐसे सभी संस्थानों की पूरी पहचान नहीं कर पाया है।
नियम तोड़ने पर लगेगा जुर्माना
नए प्रावधानों के तहत बड़े संस्थानों को अपने परिसर में गीले और सूखे कचरे के पृथक्करण और प्रसंस्करण की व्यवस्था करनी होगी। कचरा फैलाने या नियमों का उल्लंघन करने पर आर्थिक दंड लगाया जाएगा।
लगातार नियमों की अनदेखी होने पर आपराधिक कार्रवाई भी की जा सकती है। साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
होटलों और बाजारों से निकल रहा भारी कचरा
रायगढ़ में घरेलू कचरा तो डोर-टू-डोर कलेक्शन के जरिए एकत्र किया जा रहा है, लेकिन बड़े संस्थानों से निकलने वाले कचरे का समुचित निपटान अभी भी चुनौती बना हुआ है।
शहर के बाजारों से रोज भारी मात्रा में प्लास्टिक कचरा निकल रहा है। वहीं होटलों से बड़ी मात्रा में गीला कचरा उत्पन्न हो रहा है। आरोप है कि कई होटल यह कचरा सीधे नालों में डाल रहे हैं, जिससे स्वच्छता और पर्यावरण दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
कचरा प्रबंधन में सख्ती की तैयारी
नगर निकायों को अब मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (MRF) स्थापित करने और कचरे के वैज्ञानिक निपटान की व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का उद्देश्य है कि शहर में स्वच्छता बनाए रखने के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी सुनिश्चित किया जा सके।








