रायगढ़ में जिंदल पावर प्लांट को लेकर ग्रामीणों का विरोध, लोक सुनवाई रद्द करने की मांग

रायगढ़, छत्तीसगढ़। जिले के ग्राम पंचायत आमगांव में जिंदल पावर प्लांट के गारे पेलमा सेक्टर-1 ओपनकास्ट कम अंडरग्राउंड कोल माइंस के प्रस्तावित प्रोजेक्ट को लेकर ग्रामीणों में भारी विरोध देखने को मिला। सोमवार को सैकड़ों ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर आगामी लोक सुनवाई को रद्द करने की मांग की।
ग्रामीणों की रैली और विरोध प्रदर्शन
दोपहर लगभग 12 बजे आमगांव के ग्रामीण अंबेडकर चौक पर इकट्ठा हुए। यहां से उन्होंने प्लांट के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट की ओर रैली निकाली। ग्रामीणों ने जोर-शोर से नारे लगाते हुए कहा कि वे अपने सरकारी, निजी और वन भूमि को किसी भी हाल में जिंदल पावर लिमिटेड को नहीं देंगे।
ज्ञापन में उठाई गई मुख्य बातें
- ज्ञापन में बताया गया कि प्रस्तावित कोल माइंस के क्षेत्र में ग्राम पंचायत आमगांव प्रभावित होगी।
- पर्यावरणीय स्वीकृति के लिए 14 अक्टूबर को ग्राम धौराभांठा में लोक सुनवाई होने वाली है।
- ग्रामीणों ने कहा कि इससे भविष्य में पर्यावरणीय नुकसान होगा और उन्होंने लोक सुनवाई को निरस्त करने की मांग की।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
अतिरिक्त कलेक्टर ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि ज्ञापन का उचित कार्यवाही के तहत विचार किया जाएगा। इसके बाद ग्रामीण रैली के रूप में पर्यावरण कार्यालय पहुंचे और पर्यावरण अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों को रखा।
ग्रामीणों की आपत्ति और पिछला अनुभव
- प्रदर्शनकारी राजेश त्रिपाठी ने बताया कि आमगांव के ग्रामीणों ने ग्राम सभा में कोल माइंस के प्रस्तावित प्रोजेक्ट को लेकर विरोध जताया।
- कन्हाई पटेल ने कहा कि इससे पहले भी प्लांट का विस्तार हुआ था, लेकिन पुनर्वास नीति के तहत ग्रामीणों को रोजगार नहीं मिला।
- ग्रामीणों का कहना है कि पहले की परियोजनाओं से उन्हें केवल पर्यावरणीय प्रदूषण झेलना पड़ा, इसलिए अब वे कोई नई परियोजना नहीं चाहते।












