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कौवाताल में बाल सुरक्षा से हो रहा खिलवाड़

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स्कूल परिसर से सटी फ्लाई ऐश ब्रिक्स मशीन से बढ़ा दुर्घटना और प्रदूषण का खतरा

रायगढ़/ जिले में तहसील पुसौर अंतर्गत शामिल ग्राम कौवाताल के कुधरी डीपा मोहल्ला में बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां प्राथमिक शाला के ठीक समीप फ्लाई ऐश ब्रिक्स (ईंट निर्माण) मशीन संचालित की जा रही है, जिससे न केवल ध्वनि और धूल प्रदूषण फैल रहा है, बल्कि भारी वाहनों की आवाजाही के कारण दुर्घटना की आशंका भी लगातार बनी हुई है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, स्कूल के समय ट्रकों और मशीनों का लगातार आना-जाना लगा रहता है। इससे बच्चों में भय का माहौल बना रहता है और अभिभावक भी चिंतित हैं कि किसी भी समय कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस स्थान पर मशीन लगाई गई है, वह स्कूल परिसर से सटा हुआ है, जिससे बच्चों की सुरक्षा सीधे तौर पर प्रभावित हो रही है।

ग्राम सभा से नहीं ली अनुमति

गौरतलब हो कि उक्त फ्लाई ऐश ब्रिक्स यूनिट के संचालन के लिए ग्राम पंचायत से अनापत्ति प्रमाण पत्र तक नहीं लिया गया है। पंचायत क्षेत्र में इस तरह की औद्योगिक गतिविधि शुरू करने के लिए पंचायत की अनुमति और पर्यावरण संबंधी स्वीकृतियां अनिवार्य होती हैं। इसके बावजूद बिना आवश्यक प्रक्रिया पूरी किए मशीन का संचालन किया जाना नियमों की खुली अवहेलना माना जा रहा है।

जानकारों का कहना है कि बिना पंचायत की अनुमति और पर्यावरण स्वीकृति के इस प्रकार की मशीन लगाना पंचायत अधिनियम और पर्यावरण नियमों का उल्लंघन है। ऐसी स्थिति में ग्राम पंचायत या स्थानीय प्रशासन को मशीन को सील करने, उत्पादन बंद कराने और संचालक पर आर्थिक दंड सहित कानूनी कार्रवाई करने का अधिकार है। स्कूल और आंगनबाड़ी के पास मशीन होने के कारण बच्चों को तेज शोर, उड़ती धूल और भारी वाहनों की चपेट में आने का खतरा बना रहता है। इसके बावजूद अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।

जिम्मेदार मौन

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब मामला सीधे तौर पर छोटे बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा है, तब जिम्मेदार विभाग अब तक मौन क्यों हैं? क्या यह लापरवाही है या फिर किसी प्रकार के संरक्षण में नियमों को नजरअंदाज किया जा रहा है? स्कूल परिसर से सटी इस फ्लाई ऐश ब्रिक्स मशीन का तत्काल निरीक्षण कर वैधानिक स्थिति स्पष्ट की जाए और यदि यह बिना अनुमति संचालित हो रही है तो इसे तुरंत बंद कराया जाए,।

ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। हालांकि पर्यावरण विभाग द्वारा इस मामले में किसी भी प्रकार की अनुमति लिए जाने से साफ इनकार करते हुए विद्युत विभाग को लाईन काटने पत्र लिखे जाने की बात कही जा रही है।अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले में त्वरित कार्रवाई करता है या किसी बड़ी घटना का इंतजार किया जाएगा।

ग्राम कौआताल में संचालित ब्रिक्स मशीन संचालन के लिए पर्यावरण विभाग से किसी प्रकार की अनुमति नहीं ली गई है।विद्युत विभाग को इसकी लाइन काटने पत्र लिखा गया है।

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