रायपुर में गैस एजेंसियों पर बड़ा छापा, 883 घरेलू और 53 व्यावसायिक सिलेंडर अनियमितता में जब्त, एक एजेंसी सील

रायपुर। अमेरिका-ईरान के बीच तनाव और गैस सप्लाई को लेकर बनी वैश्विक स्थिति के बीच घरेलू गैस सिलेंडरों की किल्लत और कालाबाजारी की आशंका के चलते राजधानी रायपुर में खाद्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। शुक्रवार को मिली सूचना के आधार पर विभाग की टीम ने शहर की तीन गैस एजेंसियों में छापामार कार्रवाई की।
तीन गैस एजेंसियों में एक साथ छापेमारी, मौर्य गैस एजेंसी में बड़ी गड़बड़ी उजागर
खाद्य विभाग के सहायक संचालक सचिन मारकम एवं सहायक खाद्य अधिकारी देवेन्द्र बग्गा के नेतृत्व में टीम ने नरहदा स्थित मौर्य गैस एजेंसी (भारत गैस), कान्हा गैस एजेंसी अवंति विहार और लक्ष्मी गैस एजेंसी बैरन बाजार में दबिश दी। जांच के दौरान तीनों एजेंसियों में दस्तावेज और स्टॉक रजिस्टर में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं।
883 घरेलू और 53 व्यावसायिक सिलेंडर का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला
मौर्य गैस एजेंसी के गोदाम की जांच में 883 घरेलू गैस सिलेंडर और 53 व्यावसायिक सिलेंडर ऐसे पाए गए, जिनका कोई वैध दस्तावेज उपलब्ध नहीं था। ये सभी सिलेंडर कंपनी के निर्धारित स्टॉक से अतिरिक्त पाए गए। इसके अलावा स्टॉक रजिस्टर और दैनिक एंट्री भी मौके पर अद्यतन नहीं मिली।
नियमों की अनदेखी पर एजेंसी सील, अन्य एजेंसियों में भी गड़बड़ी
दस्तावेज संधारण में लापरवाही और स्टॉक में अनियमितता पाए जाने पर मौर्य गैस एजेंसी को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया। वहीं कान्हा और लक्ष्मी गैस एजेंसियों में भी दस्तावेजों में गड़बड़ी और ऑनलाइन रिकॉर्ड से स्टॉक में अंतर पाया गया।
गैस कालाबाजारी नेटवर्क की जांच तेज, बड़े घोटाले की आशंका
अधिकारियों के अनुसार इस कार्रवाई से गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी और अवैध कारोबार की आशंका और गहरी हुई है। महासमुंद गैस घोटाला मामले से जुड़े लिंक को लेकर भी कई एजेंसियां जांच के दायरे में हैं, जिनमें लगभग 15 एजेंसियों पर संदेह जताया जा रहा है।
प्रशासन का बयान, आगे भी होगी सख्त कार्रवाई
अपर कलेक्टर कीर्तिमान सिंह राठौर ने बताया कि तीनों एजेंसियों में अनियमितता पाई गई है और नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच में यदि अन्य एजेंसियों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।






