Uncategorised

चक्रधर समारोह के नौवें दिन दिव्यांग बच्चों और कथक की मनमोहक प्रस्तुतियों ने बांधा समां

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

रायगढ़। 40वें चक्रधर समारोह का नौवां दिन सुर, लय और भावनाओं से सराबोर रहा। इस दिन मंच पर विशेष आकर्षण बने प्रोजेक्ट दिव्य धुन के दिव्यांग बच्चों, जिन्होंने अपने स्वरों की जादुई प्रस्तुति से सभी का दिल जीत लिया। राज्यसभा सांसद देवेन्द्र प्रताप सिंह ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

दिव्यांग बच्चों के बैंड ने साबित कर दिया कि हुनर की कोई सीमा नहीं होती। रायपुर के कला केंद्र में प्रशिक्षित इन बच्चों की प्रस्तुति के दौरान दर्शक भावुक हो उठे और तालियों की गूंज देर तक सभागार में गूंजती रही। कार्यक्रम में प्रसिद्ध गायक राहुल ठाकुर ने भी अपनी सुरीली गायकी से समां बांध दिया।

कथक की प्रस्तुतियों ने समारोह की गरिमा को और बढ़ाया। मध्यप्रदेश के सतना से आई बाल कलाकार नित्या शर्मा ने भगवान गणेश की वंदना पर आधारित कथक प्रस्तुति दी। भाव, लय और ताल का अनूठा संगम उनकी कला में झलकता रहा। महज चार साल की उम्र से कथक का अभ्यास कर रही नित्या वर्तमान में उस्ताद अलाउद्दीन खाँ संगीत विश्वविद्यालय सतना से शिक्षा प्राप्त कर रही हैं।

वहीं रायगढ़ घराने से संबंध रखने वाली 14 वर्षीय राष्ट्रीय कथक नृत्यांगना युग रत्नम ने शिव स्तुति की आकर्षक प्रस्तुति दी। उनकी हर मुद्रा और भाव में भक्ति का ऐसा स्वरूप झलका कि वातावरण शिवमय हो उठा।

दुर्ग के सुप्रसिद्ध कथक नृत्याचार्य गुरु तरुण शर्मा और उनकी शिष्याएं शारवी सिंह परिहार व रीति लाल की प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम की शुरुआत गुरु शर्मा द्वारा प्रस्तुत “सर्वमंगल मंगल्याय” गणेश वंदना से हुई। इसके बाद शारवी ने देवी स्तुति और रीति लाल ने शिव पंचाक्षरी स्तोत्र प्रस्तुत कर भक्तिमय वातावरण रच दिया।

Advertisement
Advertisement

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button