छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग पर विज्ञापन घोटाले का आरोप, फर्जी चैनलों को करोड़ों का भुगतान

विभाग पर फर्जी विज्ञापन का आरोप
छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग पर विज्ञापन के नाम पर फर्जी वेबसाइट और YouTube चैनल को करोड़ों रुपये देने का आरोप लगा है। आरटीआई एक्टिविस्ट कुणाल शुक्ला ने हाल ही में इस संबंध में जानकारी सार्वजनिक की, जिसमें विभाग द्वारा बनयान इन्फोमीडिया प्राइवेट लिमिटेड को केवल 532 सब्सक्राइबर वाले चैनल के लिए 3.11 करोड़ रुपये दिए जाने का खुलासा हुआ।
मंत्री सवालों से भागते दिखे
इस मामले में जब उपमुख्यमंत्री से सवाल किए गए, तो उन्होंने गाड़ी में बैठकर जानकारी लेने की बात कहकर现场 छोड़ दिया, जिससे विभाग की पारदर्शिता पर सवाल उठ गए।
असली और फर्जी चैनलों में अंतर
जानकारी के अनुसार, विभाग ने एक साल में 67 न्यूज़ चैनलों को 18.57 करोड़ रुपये का भुगतान किया, जिनमें से कई का अस्तित्व संदिग्ध है। वहीं, पात्र वेबसाइटों को, जैसे cgsandesh.com, नियमों के बावजूद विज्ञापन राशि या नियमित समर्थन नहीं मिला।
शिकायत और निष्क्रियता
आरटीआई एक्टिविस्ट ने जनसंपर्क आयुक्त रवि मित्तल को मार्च 2025 में शिकायत की, लेकिन विभाग की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं हुई। अधिकारियों ने कथित तौर पर कमीशन के जरिए समाधान की सलाह दी, जिससे पारदर्शिता और शिकायत प्रक्रिया पर सवाल उठते हैं।
सरकारी जिम्मेदारी और निष्पक्षता पर प्रश्न
आख़िरकार, शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय और छत्तीसगढ़ जनशिकायत को भेजी गई, लेकिन जांच जिम्मेदारी फिर उसी विभाग को दे दी गई, जिससे विवाद और बढ़ गया।
इस घोटाले के चलते cgsandesh.com ने विज्ञापन प्रदर्शन रोक दिया है और वेबसाइट निष्क्रिय होने का विचार कर रही है। पाठकों के विश्वास और 9 वर्षों की मेहनत के बावजूद, विभाग की नीतियों और पारदर्शिता की कमी ने मीडिया स्वतंत्रता और ऑनलाइन पत्रकारिता के मूल्यों को चुनौती दी है।












