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शिशुपाल पर्वत: प्रकृति और रोमांच का नया ठिकाना

रायपुर: यदि आप प्रकृति, पहाड़ और एडवेंचर के शौकीन हैं, तो महासमुंद जिले के सरायपाली क्षेत्र में स्थित शिशुपाल पर्वत आपके लिए बेहतरीन पर्यटन स्थल साबित हो सकता है।

रायपुर से लगभग 157 किमी और सरायपाली से करीब 20 किमी दूर स्थित यह पर्वत इन दिनों ट्रैकिंग और एडवेंचर प्रेमियों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। प्राकृतिक सौंदर्य और ऐतिहासिक महत्व का अनूठा संगम इसे खास बनाता है।


🧗‍♂️ रोमांचक ट्रैकिंग और भव्य जलप्रपात

समुद्र तल से लगभग 900 फीट की ऊंचाई पर स्थित इस पर्वत तक पहुंचने के लिए रोमांचक ट्रैकिंग मार्ग से गुजरना पड़ता है। रास्ते में घना जंगल, चट्टानें और प्राकृतिक पगडंडियां साहसिक अनुभव प्रदान करती हैं।

पर्वत के शीर्ष पर एक विशाल मैदान है, जहां वर्षा ऋतु के दौरान लगभग 1100 फीट नीचे गिरता जलप्रपात मनमोहक दृश्य प्रस्तुत करता है। हरियाली और शांत वातावरण पर्यटकों को प्रकृति के बेहद करीब ले जाता है।

पर्यटन की बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए यहां मूलभूत सुविधाओं के विकास की पहल भी की गई है।


🌿 प्राकृतिक सुंदरता और सुकून

शिशुपाल पर्वत का शांत वातावरण, हरियाली और झरने मानसिक शांति का अहसास कराते हैं। फोटोग्राफी और प्रकृति प्रेमियों के लिए यह स्थान विशेष आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है।

यहां ट्रैकिंग, प्राकृतिक दृश्यों का आनंद और ऐतिहासिक अवशेषों का अवलोकन एक साथ किया जा सकता है।


🏰 ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व

स्थानीय लोककथाओं के अनुसार, इस पहाड़ पर कभी राजा शिशुपाल का महल हुआ करता था। पर्वत पर आज भी जर्जर दुर्ग, प्राचीन मंदिर और तालाब के अवशेष अतीत की कहानी कहते हैं।

किंवदंती है कि अंग्रेजों द्वारा घेराबंदी के दौरान राजा ने वीरता दिखाते हुए अपने घोड़े के साथ पहाड़ी से छलांग लगा दी थी। इसी घटना के कारण इस पर्वत और यहां स्थित झरने का नाम शिशुपाल पड़ा।


🎉 धार्मिक आस्था और मेले का आकर्षण

हर वर्ष मकर संक्रांति और महाशिवरात्रि के अवसर पर यहां भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। पर्वत स्थित मंदिर परिसर में भव्य मेले का आयोजन होता है, जहां धार्मिक अनुष्ठानों के साथ सांस्कृतिक गतिविधियां भी होती हैं।


💼 रोजगार और पर्यटन विकास

पर्यटन के विकास से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ रहे हैं। आसपास के क्षेत्रों में बांस से बनी हस्तशिल्प वस्तुएं स्थानीय आय का प्रमुख स्रोत बन सकती हैं।

इस क्षेत्र को पर्यटन परिपथ के रूप में विकसित करने की योजना है, जिसके तहत इसे प्रमुख स्थलों से जोड़ा जा सकता है, जैसे —

  • चंद्रहासिनी देवी मंदिर
  • गोर्मदा अभ्यारणय
  • सिंघोड़ा मंदिर
  • देवदरहा जलप्रपात
  • नरसिंहनाथ मंदिर

प्राकृतिक सुंदरता, रोमांच, इतिहास और आस्था का संगम — शिशुपाल पर्वत आने वाले समय में छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन स्थलों में अपनी अलग पहचान बना सकता है।

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