डिजिटल अरेस्ट का झांसा देकर 36.97 लाख की साइबर ठगी, रायगढ़ में अपराध दर्ज

रायगढ़, 19 फरवरी – जिले में साइबर अपराध का एक गंभीर मामला सामने आया है। अज्ञात ठगों ने खुद को टेलीकॉम अधिकारी, पुलिस अधिकारी और सीबीआई अधिकारी बताकर “डिजिटल अरेस्ट” का भय दिखाया और विद्युत विभाग के एक सेवानिवृत्त परिवेक्षक से ₹36,97,117 की ठगी कर ली।
पीड़ित की शिकायत पर साइबर थाना रायगढ़ में अपराध क्रमांक 02/2026 के तहत धारा 308(6), 318(4) भारतीय न्याय संहिता एवं 66(D) आईटी एक्ट में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
📞 ऐसे दिया गया वारदात को अंजाम
- 14 जनवरी 2026 को पीड़ित को एक महिला का कॉल आया, जिसने खुद को TRAI से जुड़ा बताया।
- फर्जी अधिकारियों ने कहा कि पीड़ित के नाम से मोबाइल नंबर लेकर गलत गतिविधियां की जा रही हैं।
- बाद में कॉल को तथाकथित दिल्ली पुलिस अधिकारी और फिर वीडियो कॉल पर खुद को आईपीएस अधिकारी बताने वाले व्यक्ति से जोड़ा गया।
- ठगों ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने और गिरफ्तारी की धमकी देकर बैंक डिटेल्स लीं।
- 30 जनवरी से 11 फरवरी 2026 के बीच अलग-अलग खातों में ₹36.97 लाख ट्रांसफर करवा लिए।
परिजनों को जानकारी होने पर 17 फरवरी को शिकायत दर्ज कराई गई। त्वरित कार्रवाई में लगभग ₹2 लाख की राशि होल्ड कराई गई।
👮 क्या बोले एसएसपी
शशि मोहन सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, रायगढ़ ने कहा:
“पुलिस, सीबीआई, ईडी या कोई भी सरकारी एजेंसी कभी डिजिटल अरेस्ट नहीं करती और न ही जांच के नाम पर पैसे ट्रांसफर करने को कहती है। ऐसे कॉल पूरी तरह साइबर ठगी हैं। नागरिक सतर्क रहें, अपनी बैंकिंग जानकारी साझा न करें और तुरंत 1930 पर शिकायत करें।”
⚠️ नागरिकों के लिए जरूरी सलाह
- किसी भी अनजान कॉल पर घबराएं नहीं।
- बैंक डिटेल्स, OTP या निजी जानकारी साझा न करें।
- तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें।
- नजदीकी साइबर थाना में तत्काल शिकायत दर्ज कराएं।
👉 सतर्कता ही साइबर ठगी से बचाव का सबसे बड़ा हथियार है।





