राम अवतार जग्गी हत्याकांड में नया कानूनी मोड़: सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई, अमित जोगी की SLP पर नजरें

2003 के चर्चित हत्याकांड में फिर तेज हुई कानूनी हलचल
छत्तीसगढ़ के चर्चित Ram Avtar Jaggi Murder Case में एक बार फिर बड़ा कानूनी मोड़ सामने आया है।
इस मामले में दायर विशेष अनुमति याचिका (SLP) पर सोमवार को Supreme Court of India में सुनवाई होगी, जिस पर पूरे राज्य और राजनीतिक हलकों की नजर टिकी हुई है।
4 जून 2003 को रायपुर में हुई थी सनसनीखेज हत्या
यह मामला 4 जून 2003 का है, जब Raipur में राम अवतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
जांच बाद में सीबीआई को सौंपी गई, जिसमें साजिश, भाड़े के शूटरों का इस्तेमाल और कुछ पुलिस अधिकारियों द्वारा साक्ष्य छिपाने जैसे गंभीर आरोप सामने आए थे।
ट्रायल कोर्ट से हाई कोर्ट तक लंबा चला कानूनी सफर
2007 में ट्रायल कोर्ट ने 28 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी, जबकि अमित जोगी को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया था।
इसके बाद सीबीआई ने हाई कोर्ट में चुनौती दी, लेकिन लंबी देरी के कारण मामला तकनीकी आधार पर खारिज हो गया।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद फिर से खुला मामला
सीबीआई की अपील पर सुप्रीम कोर्ट ने नवंबर 2025 में मामले को गंभीर मानते हुए हाई कोर्ट को पुनः सुनवाई के निर्देश दिए थे।
इसके बाद हाई कोर्ट ने अमित जोगी को दोषी ठहराते हुए तीन सप्ताह के भीतर सरेंडर करने का आदेश दिया था।
अब सुप्रीम कोर्ट में नई चुनौती पर टिकी निगाहें
हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ अमित जोगी ने सुप्रीम कोर्ट में SLP दायर की है।
उनके वकील विकास वालिया द्वारा हाई कोर्ट को इस याचिका की जानकारी दी गई है। अब सोमवार को होने वाली सुनवाई को लेकर सभी की निगाहें शीर्ष अदालत पर टिकी हैं।






