रायगढ़ जिले को कृषि अधोसंरचना की बड़ी सौगात, डीएमएफ से 4.19 करोड़ की स्वीकृति

किसानों के लिए बनेगा 9000 मीट्रिक टन क्षमता वाला आधुनिक भंडारण नेटवर्क, फसल सुरक्षित रखने और बेहतर विपणन को मिलेगा बढ़ावा
रायगढ़। खनन प्रभावित क्षेत्रों के समग्र विकास के साथ-साथ अब कृषि क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में रायगढ़ जिले को एक महत्वपूर्ण सौगात मिली है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) रायगढ़ द्वारा कृषि अधोसंरचना विकास के लिए 4 करोड़ 19 लाख 52 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है।
किसानों के लिए आधुनिक गोदामों का निर्माण
इस योजना के तहत जिले में कुल 9000 मीट्रिक टन क्षमता वाले पांच आधुनिक गोदाम और कार्यालय भवनों का निर्माण किया जाएगा। इन सुविधाओं से किसानों को अपनी उपज के सुरक्षित भंडारण और बेहतर विपणन की सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान में भी कमी आएगी।
खरसिया और घरघोड़ा में प्रमुख निर्माण कार्य
योजना के अंतर्गत विकासखंड खरसिया के ग्राम पंचायत टेमटेमा में 1800 मीट्रिक टन क्षमता वाले चार गोदामों का निर्माण होगा। इनमें एक गोदाम और कार्यालय भवन के लिए 85 लाख 17 हजार रुपये तथा अन्य तीन गोदामों के लिए 79 लाख 15 हजार रुपये प्रति गोदाम स्वीकृत किए गए हैं।
इसी तरह विकासखंड घरघोड़ा में 1800 मीट्रिक टन क्षमता वाले गोदाम एवं कार्यालय भवन के लिए 96 लाख 90 हजार रुपये की मंजूरी दी गई है।
किसानों की आय और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा लाभ
इन आधुनिक भंडारण सुविधाओं से किसानों को उपज सुरक्षित रखने के साथ-साथ उचित समय पर बिक्री का अवसर मिलेगा। इससे कृषि उत्पादों के संरक्षण, संग्रहण और विपणन व्यवस्था मजबूत होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
पारदर्शिता और गुणवत्ता पर विशेष जोर
जिला प्रशासन ने परियोजना के पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। कार्यस्थल पर योजना संबंधी सूचना फलक लगाना अनिवार्य होगा, साथ ही हर चरण की फोटोग्राफी और प्रगति रिपोर्ट भी प्रस्तुत करनी होगी। किसी भी स्तर पर गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर सुधार कार्य का पूरा खर्च कार्य एजेंसी को वहन करना होगा।
कृषि विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
यह पहल न केवल किसानों की आय बढ़ाने में सहायक होगी, बल्कि रायगढ़ जिले में कृषि आधारित आर्थिक गतिविधियों को भी नई दिशा प्रदान करेगी और कृषि अधोसंरचना को मजबूत बनाएगी।







