रायगढ़ हिंसा का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, 6 महीने से फरार चल रहा था मुख्य आरोपी

रायगढ़। जिले में पिछले वर्ष हुई भीषण हिंसा के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। तमनार और पूंजीपथरा पुलिस की संयुक्त टीम ने घेराबंदी कर कसडोल निवासी 39 वर्षीय राजेश मरकाम को गिरफ्तार किया है। आरोपी पिछले छह महीनों से फरार चल रहा था।
बरपाली से हुई गिरफ्तारी
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि आरोपी ग्राम बरपाली में छिपा हुआ है। सूचना के आधार पर टीम ने दबिश देकर उसे गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने आंदोलन के नाम पर भीड़ को उकसाने और हिंसा भड़काने की बात स्वीकार की है।
एसएसपी का बयान
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक Shashi Mohan Singh के अनुसार, आरोपी इस पूरे घटनाक्रम का मुख्य मास्टरमाइंड था। उसने भीड़ को उकसाकर सरकारी अधिकारियों पर हमले, लूटपाट और आगजनी जैसी घटनाओं में अहम भूमिका निभाई थी।
कोल परियोजना विवाद से जुड़ा मामला
यह पूरा मामला JPL कोयला खदान सेक्टर-1 से जुड़े 14 गांवों के आंदोलन से संबंधित है, जहां ग्रामीण मुआवजा और पुनर्वास की मांग को लेकर धरने पर बैठे थे। बाद में यह आंदोलन हिंसक हो गया था।
कैसे भड़की थी हिंसा
27 दिसंबर को लिबरा चौक पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने चक्काजाम किया था। देखते ही देखते भीड़ उग्र हो गई और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया गया। इस दौरान कई पुलिसकर्मी घायल हुए और सरकारी वाहनों में आगजनी की गई।
पुलिस पर हमला और आगजनी
हिंसा के दौरान पुलिस बस, सरकारी जीप और एम्बुलेंस को आग के हवाले कर दिया गया था। साथ ही जिंदल कोल हैंडलिंग प्लांट में घुसकर तोड़फोड़ और आगजनी की गई थी।
अब तक 22 गिरफ्तारियां
पुलिस ने इस मामले में अब तक 16 एफआईआर दर्ज कर 22 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी को पुलिस ने बड़ी सफलता बताया है। वहीं अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।







