Wasseypur Gangster Shabbir Alam: झारखंड के वासेपुर का कुख्यात गैंगस्टर शब्बीर आलम पिछले 13 साल से छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में छिपकर रह रहा था। इस दौरान उसने बस, एम्बुलेंस और रियल एस्टेट का बड़ा कारोबार खड़ा कर लिया। हाल ही में जब झारखंड पुलिस उसे पकड़ने अंबिकापुर पहुंची तो वह अपने साथी के साथ फरार हो गया। अब पुलिस उसके पूरे नेटवर्क और उसे संरक्षण देने वाले लोगों की जांच कर रही है।
हत्या के मामले में था भगोड़ा
शब्बीर आलम का नाम 18 अक्टूबर 2001 को धनबाद में कोल माफिया फहीम खान की मां नजमा खातून और मौसी शहनाज खातून की हत्या के मामले में सामने आया था। इस केस में वह गिरफ्तार हुआ, लेकिन साल 2013 में हाईकोर्ट में पेशी के दौरान फरार हो गया। बाद में झारखंड हाईकोर्ट ने उसे भगोड़ा घोषित कर उसकी संपत्तियां कुर्क करने के आदेश दिए।
13 साल तक अंबिकापुर में छिपकर करता रहा कारोबार
पुलिस जांच में सामने आया कि फरार होने के बाद शब्बीर अंबिकापुर के मोमिनपुरा इलाके में रहने लगा। उसने स्थानीय बस संचालक वैदुल खान के साथ मिलकर राजहंस बस सर्विस का संचालन किया। इसके अलावा करीब 40 एम्बुलेंस चलाने, सिलाई दुकान और जमीन की खरीद-फरोख्त का कारोबार भी शुरू कर दिया। इसी दौरान उसने अंबिकापुर में आलीशान मकान भी बनवा लिया।
बस संचालक पर FIR दर्ज
सरगुजा पुलिस ने बस संचालक वैदुल खान के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस का आरोप है कि उसे शब्बीर के भगोड़ा होने की जानकारी थी, इसके बावजूद उसने उसे पनाह दी और कारोबार में साथ दिया। अब पुलिस उसके आर्थिक नेटवर्क, संपत्तियों और अन्य सहयोगियों की जांच कर रही है।
‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ से जुड़ा नाम
धनबाद के वासेपुर में कोयला कारोबार और गैंगवार की घटनाओं से प्रेरित होकर वर्ष 2012 में ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ फिल्म बनाई गई थी। शब्बीर आलम का नाम भी उसी दौर के चर्चित गैंगवार से जुड़ा रहा है।
पुलिस की तलाश जारी
झारखंड पुलिस की टीम हाल ही में अंबिकापुर पहुंची थी, लेकिन कार्रवाई से पहले ही शब्बीर आलम फरार हो गया। फिलहाल उसकी तलाश जारी है। वहीं सरगुजा पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और उसके नेटवर्क से जुड़े लोगों की भूमिका भी खंगाल रही है।