रायगढ़ : जुलाई 2022 की छह कोल डिपो-वॉशरी कार्रवाई की फिर जांच, EOW-ACB ने मंगाए दस्तावेज

कोल लेवी मामले से जुड़े पुराने प्रकरणों की नए सिरे से पड़ताल, रायगढ़ में छह ठिकानों पर हुई थी कार्रवाई
रायगढ़। पिछली सरकार के कार्यकाल में सामने आए चर्चित कोल लेवी मामले की जांच में कई अफसरों, नेताओं और कारोबारियों के नाम सामने आने के बाद अब पुराने मामलों की भी दोबारा पड़ताल शुरू होने की चर्चा है। बताया जा रहा है कि जुलाई 2022 में रायगढ़ जिले में छह कोल डिपो और वॉशरीज पर हुई कार्रवाई की नए सिरे से जांच की जा रही है। इस संबंध में EOW-ACB द्वारा संबंधित प्रकरणों के दस्तावेज मंगाए जाने की जानकारी सामने आई है।
कई जिलों में एक साथ हुई थी छापेमारी
जुलाई 2022 में कोरबा, रायगढ़, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा सहित कई जिलों में संचालित कोल डिपो और कोल वॉशरीज में एक साथ जांच एवं छापेमारी की गई थी। इसके लिए करीब 35 संयुक्त टीमें गठित की गई थीं। इन टीमों में खनिज, राजस्व सहित अन्य विभागों के अधिकारी शामिल थे।
25 रुपये प्रति टन वसूली के आरोपों से जुड़ा मामला
कोयला परिवहन की अनुमति के एवज में कथित तौर पर 25 रुपये प्रति टन की राशि वसूले जाने के मामले ने जांच एजेंसियों का ध्यान खींचा था। बाद में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में कथित मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध संपत्ति अर्जित करने से जुड़े मामले सामने आए। जांच के दौरान करोड़ों रुपये की संपत्तियों की जब्ती की कार्रवाई भी की गई।
रायगढ़ के छह ठिकानों पर हुई थी कार्रवाई
2022 की कार्रवाई के दौरान रायगढ़ जिले में इन ठिकानों पर जांच की गई थी—
- फील कोल बेनीफिकेशन, नवापारा
- भाटिया एनर्जी, छोटे डुमरपाली, खरसिया
- केएल एनर्जी एंड कोल, देहजरी
- सारडा एनर्जी एंड मिनरल्स, ढोलनारा, तमनार
- शिव शक्ति स्टील प्राइवेट लिमिटेड, चक्रधरपुर, रायगढ़
- नवदुर्गा फ्यूल्स, सराईपाली, बरपाली, तमनार
अधिकारियों को इन संस्थानों में विस्तृत जांच के लिए तीन दिनों का समय दिया गया था।
पुराने दस्तावेजों से जुड़े पहलुओं की पड़ताल
अब इन पुराने प्रकरणों के दस्तावेज EOW-ACB द्वारा मंगाए जाने की जानकारी सामने आने के बाद जांच को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। जांच एजेंसी वर्ष 2022 में हुई कार्रवाई, उस दौरान तैयार किए गए दस्तावेजों और संबंधित मामलों में हुई आगे की कार्रवाई से जुड़े पहलुओं की पड़ताल कर सकती है।
हालांकि, जांच की मौजूदा स्थिति और आगे की कार्रवाई को लेकर संबंधित एजेंसी की ओर से आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।








