हरेली तिहार : आज छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक अवकाश, स्कूल-कॉलेज और सरकारी दफ्तर रहेंगे बंद

रायपुर। छत्तीसगढ़ के प्रथम लोकपर्व हरेली तिहार के अवसर पर आज प्रदेश में सार्वजनिक अवकाश है। इसके चलते राज्य के स्कूल-कॉलेज और अधिकांश शासकीय कार्यालय बंद रहेंगे। हरेली के अवसर पर प्रदेशभर में कृषि औजारों, गौमाता और भगवान शिव की पूजा-अर्चना के साथ पारंपरिक रीति-रिवाजों का आयोजन किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री निवास में दिखी छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति
नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में हरेली तिहार का भव्य आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विधि-विधान से भगवान शिव, गौमाता और कृषि औजारों की पूजा-अर्चना कर प्रदेश में अच्छी वर्षा, भरपूर फसल, किसानों की समृद्धि और प्रदेशवासियों की खुशहाली की कामना की।
मुख्यमंत्री निवास को नीम और आम के पत्तों, गेंदे के फूलों तथा पारंपरिक ग्रामीण सजावट से सजाया गया। पूरे परिसर में छत्तीसगढ़ के गांवों की संस्कृति और ग्रामीण जीवन की झलक दिखाई दी।
पारंपरिक वेशभूषा में पिंक ऑटो से पहुंचे मुख्यमंत्री
हरेली उत्सव में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय पारंपरिक वेशभूषा में नजर आए। वे विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के साथ महिला ऑटो चालक संगीता यादव के पिंक ऑटो में कार्यक्रम स्थल पहुंचे। इसके बाद गौरी-गणेश एवं नवग्रह पूजन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई।
मुख्यमंत्री ने नांगर, रापा, कुदाल और फावड़ा सहित कृषि उपकरणों की पूजा की तथा छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा को नमन किया।
गौमाता की पूजा कर खिलाई लोंदी
मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री निवास की गौशाला में गौमाता की पूजा-अर्चना कर गाय और बछड़े को हरा चारा, चना-गुड़ तथा पारंपरिक लोंदी खिलाई। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के ग्रामीण जीवन में पशुधन कृषि व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा है और हमारी परंपराएं पशुओं के प्रति सम्मान एवं संरक्षण की सीख देती हैं।
किसानों की समृद्धि पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार द्वारा कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कृषि ऋण, फसल बीमा, सिंचाई सुविधाओं, आधुनिक कृषि तकनीक और कृषि यंत्रीकरण का उल्लेख किया।
कार्यक्रम में रायपुर के किसान इंद्र कुमार वर्मा को हार्वेस्टर पर मिलने वाली सब्सिडी के रूप में 16 लाख रुपये का चेक भी प्रदान किया गया।
पौधरोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
हरेली के अवसर पर मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री निवास परिसर में पारिजात का पौधा लगाया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह सहित मंत्रीगण एवं विभिन्न निगम-मंडल और आयोगों के पदाधिकारियों ने भी पौधरोपण किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरेली हमें प्रकृति के संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित भविष्य तैयार करने का संदेश देता है।
ड्रोन दीदी की सफलता की सराहना
कृषि विभाग के स्टॉल पर मुख्यमंत्री ने ड्रोन दीदी चंद्रकली वर्मा से संवाद किया। उन्होंने बताया कि वह ड्रोन से खेतों में नैनो यूरिया, नैनो डीएपी और कीटनाशकों का छिड़काव करती हैं तथा अब तक ढाई हजार एकड़ से अधिक क्षेत्र में ड्रोन का उपयोग कर चुकी हैं।
मुख्यमंत्री ने उनकी उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि आधुनिक कृषि तकनीक महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता और आय के नए अवसर पैदा कर रही है।
गेड़ी, बिल्लस, गोटी और बाटी ने बढ़ाया उत्साह
मुख्यमंत्री निवास में आयोजित हरेली उत्सव में गेड़ी दौड़, बिल्लस, गोटी, बाटी और रहचुली जैसे पारंपरिक खेल आकर्षण का केंद्र रहे। लोक कलाकारों ने छत्तीसगढ़ी लोकगीत और लोकनृत्य प्रस्तुत किए। मांदर और ढोलक की थाप से पूरा परिसर उत्सवमय हो गया।
हरेली तिहार के आयोजन ने राजधानी में छत्तीसगढ़ की कृषि संस्कृति, लोक परंपरा, ग्रामीण जीवन और प्राकृतिक विरासत की जीवंत तस्वीर प्रस्तुत की।








