छत्तीसगढ़

राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO होंगे पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा

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श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में नाम पर बनी सहमति, मंदिर के प्रशासनिक कामकाज की संभालेंगे जिम्मेदारी

अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के प्रशासनिक प्रबंधन को और व्यवस्थित करने के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को ट्रस्ट का पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त करने का निर्णय लिया है। बुधवार, 2 सितंबर को हुई ट्रस्ट की विशेष बैठक में स्थायी और आमंत्रित सदस्यों की मौजूदगी में उनके नाम पर सहमति बनी।

तीन नामों के पैनल में जितेंद्र मिश्रा का चयन

जानकारी के मुताबिक, CEO पद के लिए चयन समिति ने ट्रस्ट के समक्ष तीन नामों का पैनल रखा था। विचार-विमर्श के बाद पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा के नाम पर अंतिम मुहर लगाई गई।

जितेंद्र मिश्रा भारतीय वायुसेना में एयर मार्शल के पद पर सेवाएं दे चुके हैं। वे 30 अप्रैल 2026 को वायुसेना से सेवानिवृत्त हुए हैं। मूल रूप से देवरिया के रहने वाले जितेंद्र मिश्रा ने सैन्य सेवा के दौरान कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं।

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पश्चिमी कमांड की जिम्मेदारी

जितेंद्र मिश्रा ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना की पश्चिमी कमांड के प्रमुख रहे थे। सैन्य सेवा में उनके योगदान के लिए उन्हें अति विशिष्ट सेवा पदक (AVSM) और विशिष्ट सेवा पदक (VSM) से सम्मानित किया जा चुका है।

सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े कुछ सुरक्षा पहलुओं को लेकर भी बयान दिए थे। हालांकि, इन दावों की अलग-अलग स्तर पर स्वतंत्र पुष्टि को लेकर आधिकारिक स्रोतों को ही अंतिम आधार माना जाएगा।

क्या होगी राम मंदिर CEO की जिम्मेदारी?

राम मंदिर ट्रस्ट के CEO की भूमिका काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। CEO मंदिर से जुड़े रोजमर्रा के प्रशासनिक और प्रबंधन कार्यों की निगरानी करेंगे। इसके अलावा ट्रस्ट और विभिन्न सरकारी एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित करने की जिम्मेदारी भी उनके कार्यक्षेत्र में होगी।

अयोध्या में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या और मंदिर से जुड़े बड़े स्तर के प्रबंधन को देखते हुए यह पद अहम माना जा रहा है।

दान से जुड़ी जांच के बीच बढ़ी प्रशासनिक जवाबदेही

CEO की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब राम मंदिर में दान से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच का मुद्दा भी चर्चा में है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस संबंध में SIT की सिफारिश के बाद ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में यह कदम उठाया गया है।

अब जितेंद्र मिश्रा के सामने मंदिर प्रशासन, सरकारी एजेंसियों के साथ समन्वय और श्रद्धालुओं से जुड़े बढ़ते प्रबंधन कार्यों को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।

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