उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन पहुंचे रायपुर, एम्स के तीसरे दीक्षांत समारोह में हुए शामिल

मेधावी विद्यार्थियों को प्रदान किए स्वर्ण पदक और प्रमाण-पत्र, आधुनिक चिकित्सा और शोध में एम्स की उपलब्धियों को सराहा
रायपुर। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन बुधवार, 2 सितंबर को एक दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरे पर रायपुर पहुंचे। उन्होंने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) रायपुर के तीसरे दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक और प्रमाण-पत्र प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया।
एम्स को बताया बदलते छत्तीसगढ़ की तस्वीर
दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने एम्स रायपुर की स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सा शिक्षा और शोध के क्षेत्र में हो रही प्रगति की सराहना की। उन्होंने कहा कि संस्थान आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं, मेडिकल रिसर्च और अंग प्रत्यारोपण जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है।
उन्होंने छत्तीसगढ़ में हुए पहले स्वैप किडनी ट्रांसप्लांट जैसी उपलब्धियों का भी उल्लेख किया और चिकित्सा क्षेत्र में संस्थान की भूमिका को रेखांकित किया।
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बदलाव का जिक्र
उपराष्ट्रपति ने अपने संबोधन में छत्तीसगढ़ के उन क्षेत्रों का भी उल्लेख किया, जो कभी नक्सलवाद, भय और बुनियादी सुविधाओं की कमी के लिए पहचाने जाते थे। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में अब विकास की नई तस्वीर दिखाई दे रही है।
सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, कनेक्टिविटी और निवेश जैसी सुविधाओं के विस्तार से स्थानीय लोगों के लिए नए अवसर तैयार होने की बात उन्होंने कही।
वीआईपी मूवमेंट के चलते सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
उपराष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए राजधानी रायपुर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। सरोना रिंग रोड से टाटीबंध चौक और एम्स परिसर तक पुलिस बल की तैनाती रही। रिंग रोड नंबर-1 पर बैरिकेडिंग कर यातायात और आवाजाही को नियंत्रित किया गया।
एम्स में बदली व्यवस्था, मरीजों को करना पड़ा पैदल सफर
वीआईपी मूवमेंट के कारण एम्स रायपुर में मरीजों और उनके परिजनों की आवाजाही के लिए भी अस्थायी बदलाव किए गए। ओपीडी आने वाले मरीजों के लिए गेट नंबर-1 से प्रवेश की व्यवस्था की गई, जबकि गेट नंबर-3 से ओपीडी की ओर जाने की सुविधा रही।
गेट नंबर-1 पर पार्किंग व्यवस्था होने के कारण कुछ मरीजों और उनके परिजनों को रजिस्ट्रेशन काउंटर तक पहुंचने के लिए पैदल दूरी तय करनी पड़ी। ट्रामा और इमरजेंसी सेवाओं के लिए गेट नंबर-2 का इस्तेमाल किया गया।
वहीं, रजिस्ट्रेशन काउंटर तक पहुंचने के लिए सामान्य रूप से उपयोग होने वाले गेट नंबर-4 को 2 सितंबर को वीआईपी मूवमेंट के चलते बंद रखा गया। गेट नंबर-5 पर भी आवाजाही प्रभावित रही।
कई वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
दीक्षांत समारोह में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका, केंद्रीय राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, एम्स रायपुर के प्रेसिडेंट प्रो. (डॉ.) संजीव हांडा और कार्यकारी निदेशक सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
2012 में शुरू हुई थी एम्स रायपुर की सेवाएं
एम्स रायपुर की आधारशिला मई 2009 में रखी गई थी। इसके बाद वर्ष 2012 में संस्थान ने अपनी सेवाएं शुरू कीं। पिछले वर्षों में संस्थान ने चिकित्सा शिक्षा, उपचार, शोध और अत्याधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है।






