छत्तीसगढ़

मौसम में बदलाव से बढ़ी वायरल बीमारियां, सर्दी-खांसी और बुखार के मरीजों की बढ़ी संख्या

Advertisement

तापमान में उतार-चढ़ाव और वातावरण में नमी का असर, सिम्स समेत अस्पतालों की ओपीडी में मरीजों की भीड़

बदलते मौसम का असर अब लोगों की सेहत पर साफ दिखाई देने लगा है। तापमान में लगातार उतार-चढ़ाव और वातावरण में बढ़ी नमी के बीच सर्दी-खांसी और वायरल फीवर के मामलों में इजाफा देखने को मिल रहा है। अस्पतालों की ओपीडी में इन दिनों ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ी है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर भी दबाव बढ़ गया है।

वायरल संक्रमण के लक्षणों वाले मरीज बढ़े

मौसम में बदलाव के दौरान वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। कई लोग इन दिनों सर्दी, खांसी, गले में खराश, शरीर में दर्द और बुखार जैसी शिकायतों के साथ इलाज के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं। शहर में बड़ी संख्या में लोग इन मौसमी बीमारियों की चपेट में आने की बात सामने आ रही है।

सिम्स समेत अस्पतालों में बढ़ी भीड़

छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (सिम्स) सहित शहर के विभिन्न सरकारी और निजी अस्पतालों की ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ी है। सुबह से ही अस्पतालों में इलाज कराने के लिए लोगों की कतारें देखी जा रही हैं।

चिकित्सकों के अनुसार मौसम में बदलाव के दौरान संक्रमण से बचाव के लिए साफ-सफाई, पर्याप्त आराम और संतुलित खान-पान पर ध्यान देना जरूरी है। वायरल संक्रमण के लक्षण दिखाई देने पर बिना चिकित्सकीय सलाह के दवाएं लेने से बचने की सलाह भी दी जाती है।

बदलते मौसम में सावधानी जरूरी

विशेषज्ञों के मुताबिक तापमान में अचानक बदलाव शरीर की सामान्य प्रतिरोधक क्षमता को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में भीड़भाड़ वाली जगहों पर अनावश्यक संपर्क से बचना, हाथों की स्वच्छता बनाए रखना और पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लेना उपयोगी हो सकता है। तेज बुखार या लक्षण लगातार बने रहने पर चिकित्सक से परामर्श लेना जरूरी है।

Advertisement
Advertisement

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button