अनिरुद्धाचार्य की कथा में एसपी ने पूछा ऑनलाइन ठगी से बचने का उपाय, महाराज ने बताया 1930 का नंबर

जांजगीर में चल रही नौ दिवसीय कथा के दौरान साइबर ठगी को लेकर हुई चर्चा, महाराज ने तत्काल शिकायत की दी सलाह
जांजगीर-चांपा। प्रसिद्ध कथावाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज की नौ दिवसीय कथा इन दिनों जांजगीर-चांपा जिले के बम्हनीडीह में चल रही है। कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। इसी दौरान शनिवार को जांजगीर-चांपा एसपी विजय कुमार पाण्डेय ने मंच से ऑनलाइन ठगी के बढ़ते मामलों को लेकर महाराज से सवाल किया और लोगों को साइबर अपराध से बचने का संदेश देने का आग्रह किया।
एसपी ने पूछा- ऑनलाइन ठगी होने पर क्या करें?
कथा के दौरान एसपी विजय कुमार पाण्डेय ने अनिरुद्धाचार्य महाराज से पूछा कि लगातार ऑनलाइन ठगी के मामले सामने आ रहे हैं। ऐसी स्थिति में आम लोगों को ठगी से बचने और ठगी होने के बाद क्या कदम उठाने चाहिए?
जवाब में महाराज ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन ठगी हो जाती है तो उसे बिना देरी किए 1930 हेल्पलाइन नंबर पर इसकी सूचना देनी चाहिए। इसके साथ ही संबंधित पुलिस थाने में भी मामले की शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी।
बड़ी संख्या में पहुंच रहे श्रद्धालु
बम्हनीडीह में चल रही नौ दिवसीय कथा में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की जानकारी सामने आई है। आयोजकों के अनुसार कथा सुनने के लिए प्रतिदिन करीब एक लाख लोग पहुंच रहे हैं।
इतनी बड़ी भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। कथा स्थल और आसपास के क्षेत्रों में आने-जाने वाले लोगों पर निगरानी रखी जा रही है।
साइबर जागरूकता को लेकर पुलिस का अभियान
छत्तीसगढ़ पुलिस की ओर से साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में जांजगीर-चांपा पुलिस ने कथा के मंच का उपयोग भी साइबर जागरूकता का संदेश लोगों तक पहुंचाने के लिए किया।
एसपी विजय कुमार पाण्डेय द्वारा अनिरुद्धाचार्य महाराज से सार्वजनिक रूप से ऑनलाइन ठगी से जुड़े सवाल पूछने का उद्देश्य भी बड़ी संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं को साइबर अपराध के प्रति जागरूक करना बताया गया है।
ठगी के बाद देरी न करने की अपील
कार्यक्रम के दौरान लोगों को यह संदेश दिया गया कि साइबर ठगी का शिकार होने पर तत्काल शिकायत करना जरूरी है। 1930 पर सूचना देने के साथ संबंधित थाने में शिकायत दर्ज कराने से पीड़ित व्यक्ति समय रहते आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू करा सकता है।






