छत्तीसगढ़ में स्मृति ईरानी की एंट्री के साथ दिखा सख्त अनुशासन, सत्ता-संगठन को मिलकर काम करने के निर्देश

निगम-मंडल अध्यक्षों, उपाध्यक्षों, पूर्व सांसदों और विधायकों के साथ की बैठक; योजनाओं को घर-घर पहुंचाने पर जोर
रायपुर। छत्तीसगढ़ में भाजपा की नई प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी के आगमन के साथ ही पार्टी में अनुशासन और सख्त कार्यशैली की झलक देखने को मिली। रायपुर में उन्होंने निगम-मंडल, बोर्ड और आयोगों के अध्यक्षों व उपाध्यक्षों के साथ बैठक की। इसके बाद पूर्व सांसदों और विधायकों से भी चर्चा की। बैठकों में संगठन को मजबूत बनाने, सरकार की योजनाओं को आम जनता तक पहुंचाने और सत्ता-संगठन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया।
एयरपोर्ट पर स्वागत की होड़ नहीं, बाइक रैली भी स्थगित
स्मृति ईरानी के छत्तीसगढ़ आगमन से पहले ही पार्टी की ओर से स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि माना विमानतल पर स्वागत के लिए नेताओं के बीच किसी तरह की होड़ नहीं होनी चाहिए और अनावश्यक भीड़ भी नहीं जुटाई जाए। आमतौर पर बड़े राष्ट्रीय नेताओं के आगमन पर एयरपोर्ट पर शक्ति प्रदर्शन और भव्य स्वागत देखने को मिलता है, लेकिन इस बार नजारा अलग रहा।
इसी निर्देश के तहत पार्टी की ओर से पहले से प्रस्तावित स्वागत बाइक रैली भी स्थगित कर दी गई। पार्टी के इस फैसले को अनुशासन और सादगी पर जोर देने के संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
सरकार की योजनाएं घर-घर पहुंचाने पर जोर
बैठकों के दौरान स्मृति ईरानी ने नेताओं के साथ संगठनात्मक गतिविधियों और सरकार की योजनाओं के प्रचार-प्रसार पर चर्चा की। उन्होंने सत्ता और संगठन को एकजुट होकर काम करने के निर्देश दिए, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके और आम जनता के बीच पार्टी की पहुंच मजबूत हो।
पहले दिन से कार्यसंस्कृति बदलने के संकेत
नई प्रदेश प्रभारी के आगमन पर स्वागत कार्यक्रमों में सादगी और अनुशासन को प्राथमिकता दिए जाने से पार्टी के भीतर नई कार्यशैली के संकेत मिले हैं। संगठन को मजबूत करने और सरकार के कामकाज को जनता तक पहुंचाने की रणनीति के बीच अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि स्मृति ईरानी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ भाजपा की गतिविधियों और संगठनात्मक कामकाज में आगे क्या बदलाव देखने को मिलते हैं।






