छत्तीसगढ़ में दवाओं और प्रसाधन सामग्रियों की निगरानी के लिए तीन औषधि निरीक्षकों को जिम्मेदारी

स्वास्थ्य विभाग ने औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के तहत सौंपी जिम्मेदारी, गुणवत्ता और कानूनी मानकों के पालन पर रहेगा जोर
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेश में दवाओं और प्रसाधन सामग्रियों के निर्माण, बिक्री तथा वितरण की निगरानी के लिए तीन औषधि निरीक्षकों को जिम्मेदारी सौंपी है। औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 के तहत जारी अधिसूचना के अनुसार, औषधि निरीक्षक कौशल साहू, गिरजाशंकर और राजेश कुमार सोनी अपने निर्धारित क्षेत्राधिकार में नियामक दायित्वों का निर्वहन करेंगे।
तीन औषधि निरीक्षकों को मिली जिम्मेदारी
विभाग की ओर से जारी अधिसूचना में तीनों अधिकारियों के कार्यक्षेत्र का विवरण दिया गया है। इसके तहत वे अपने निर्धारित क्षेत्रों में दवाओं और प्रसाधन सामग्रियों के निर्माण, बिक्री और वितरण से जुड़ी गतिविधियों की निगरानी करेंगे। साथ ही, कानून के प्रावधानों के तहत आवश्यक वैधानिक कार्रवाई करने के लिए अधिकृत रहेंगे।
दवाओं की गुणवत्ता और नियमों के पालन पर जोर
स्वास्थ्य विभाग की इस व्यवस्था का उद्देश्य दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और संबंधित प्रतिष्ठानों में कानूनी प्रावधानों का पालन कराना है। दवाओं के निर्माण से लेकर बिक्री और वितरण तक निर्धारित मानकों का अनुपालन आम नागरिकों के स्वास्थ्य की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
औषधि निरीक्षक अपने-अपने क्षेत्र में संबंधित गतिविधियों पर निगरानी रखेंगे और नियमों के उल्लंघन की स्थिति में कानून के अनुसार कार्रवाई कर सकेंगे।
स्वास्थ्य विभाग की इस पहल से प्रदेश में औषधियों और प्रसाधन सामग्रियों से जुड़े कारोबार की निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने तथा निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुपालन पर जोर देने की दिशा में काम किया जाएगा।






