छत्तीसगढ़ में चक्रवात अर्नब का असर बरकरार, 7 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट; 60 किमी की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं

रायपुर। छत्तीसगढ़ में चक्रवाती तूफान अर्नब का असर बना हुआ है। इसके प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग (IMD रायपुर) की ओर से जारी अलर्ट के मुताबिक, प्रदेश के सात जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इन इलाकों में बारिश के साथ 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज सतही हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।
मौसम खराब रहने के दौरान लोगों को सतर्क रहने और खुले स्थानों पर विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
इन सात जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग के अलर्ट के अनुसार, बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, कांकेर, कोंडागांव, नारायणपुर और सुकमा में अगले कुछ घंटों के दौरान अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। इन जिलों में तेज हवाएं चलने की भी आशंका है।
बारिश और हवाओं के संयुक्त प्रभाव से जनजीवन प्रभावित हो सकता है। ऐसे में लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने और जरूरी सावधानियां बरतने की जरूरत है।
40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
भारी बारिश के साथ प्रभावित जिलों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से सतही हवाएं चलने की संभावना है। तेज हवाओं के दौरान कमजोर निर्माणों, जर्जर दीवारों, पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचना चाहिए। खुले स्थानों पर रहने वाले लोगों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
इन जिलों में भी बारिश के आसार
सात जिलों के अलावा प्रदेश के कई अन्य हिस्सों में भी मध्यम बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। इनमें बालोद, बलौदाबाजार, बेमेतरा, बिलासपुर, धमतरी, दुर्ग, गरियाबंद, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, जांजगीर-चांपा, कबीरधाम, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, कोरबा, महासमुंद, मुंगेली, रायगढ़, रायपुर, राजनांदगांव, सक्ती और सारंगढ़-बिलाईगढ़ शामिल हैं।
मौसम खराब होने पर बरतें सावधानी
बारिश और तेज हवाओं के दौरान अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें। बिजली चमकने या तेज हवा चलने पर पेड़ों के नीचे शरण न लें। वाहन चलाते समय सावधानी बरतें और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें।
चक्रवाती तूफान के प्रभाव के बीच मौसम में बदलाव को देखते हुए सतर्कता जरूरी है। लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखनी चाहिए, ताकि बारिश और तेज हवाओं के दौरान किसी भी संभावित खतरे से बचा जा सके।






