नए वकीलों को मासिक वृत्ति देने की तैयारी, हाईकोर्ट ने बार काउंसिल को गाइडलाइन बनाने एक महीने का दिया समय

बिलासपुर। नए नामांकित और जूनियर अधिवक्ताओं को शुरुआती दौर में आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने अहम निर्देश जारी किया है। चीफ जस्टिस केआर महापात्र की डिवीजन बेंच ने छत्तीसगढ़ स्टेट बार काउंसिल को नए वकीलों के लिए मासिक वृत्ति (स्टाइपेंड) देने के संबंध में गाइडलाइन तैयार करने का निर्देश दिया है। इसके लिए बार काउंसिल को एक महीने की मोहलत दी गई है।
मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने बार काउंसिल को निर्धारित समयसीमा में दिशा-निर्देश तैयार करने को कहा। इस पहल का उद्देश्य नए नामांकित अधिवक्ताओं को वकालत के शुरुआती दौर में आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था से जुड़ा है।
8 दिसंबर को होगी अगली सुनवाई
नए अधिवक्ताओं को मासिक वृत्ति देने के मुद्दे पर सरकार और बार काउंसिल के स्तर पर प्रक्रिया चल रही है। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद अब बार काउंसिल को इस संबंध में गाइडलाइन तैयार करनी होगी।
मामले की अगली सुनवाई 8 दिसंबर 2026 को निर्धारित की गई है। अब अगली सुनवाई में गाइडलाइन तैयार करने की दिशा में हुई प्रगति पर नजर रहेगी। हालांकि, मासिक वृत्ति की राशि, पात्रता की शर्तों और भुगतान की प्रक्रिया को लेकर अंतिम व्यवस्था गाइडलाइन तथा संबंधित निर्णयों के बाद ही स्पष्ट होगी।






