जिले में अवैध धान परिवहन पर कड़ी कार्रवाई : अब तक 56 प्रकरणों में 8,000 क्विंटल धान जब्त, 2.50 करोड़ की हानि बची

अवैध धान परिवहन और भंडारण पर जिला प्रशासन ने बड़ा अभियान चलाते हुए सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर जारी सतत निगरानी के तहत अब तक 56 मामलों में 8,000 क्विंटल से अधिक धान जब्त किया गया है। इससे शासन को होने वाली लगभग 2.50 करोड़ रुपये की आर्थिक हानि को रोका जा सका है।
24×7 निगरानी: 25 चेकपोस्टों पर कड़ी चौकसी, जंगल व वैकल्पिक मार्ग भी सील
अवैध परिवहन रोकने के लिए जिले में स्थापित 25 चेकपोस्टों—भुईंयापाली, बेलरिया, लारा, रेंगालपाली, तोलमा, हाटी, गोलाबुड़ा, टांगरघाट, बिजना, उर्दना, पलगड़ा, भालूनारा, बाकारूमा, रीलो आदि—पर 24 घंटे निगरानी जारी है।
अनुविभागीय स्तर पर विशेष टीमें भी सक्रिय हैं। जंगल और वैकल्पिक मार्गों को सील कर दिया गया है। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा है कि अवैध गतिविधियों में शामिल किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
दो दिनों में 9 प्रकरण, 564 क्विंटल धान जब्त—17 लाख से अधिक का माल सुरक्षित
अपर कलेक्टर एवं धान खरीदी नोडल अधिकारी अपूर्व प्रियेश टोप्पो ने बताया कि 29 और 30 नवंबर को राजस्व, मंडी और प्रशासनिक टीमों ने औचक निरीक्षण में 9 मामलों में 564 क्विंटल से अधिक अवैध धान जब्त किया। प्रमुख जब्ती इस प्रकार रही:
- लोइंग – सुरेश गुप्ता से 80 क्विंटल
- छुहीपाली – सुखदेव पटेल से 27.60 क्विंटल
- लारा – विष्णु चरण से 24 क्विंटल
- कोड़पाली – रोहित बारिक से 8 क्विंटल
- भकुर्रा – विमला यादव से 22 क्विंटल
- पलगढ़ा – अशोक गवेल के वाहन से 28 क्विंटल
- खरसिया – अनिश अग्रवाल के गोदाम से 160 क्विंटल
- कांदागढ़ – राजू से 60 क्विंटल
- नवापारा-माण्ड – कुमार साहू से 154.80 क्विंटल
सभी मामलों में छत्तीसगढ़ कृषि उपज मंडी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किए गए हैं।
ध्यान किसानों पर: उपार्जन केंद्रों में सुविधाएं, निगरानी प्रणाली मजबूत
जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए 105 उपार्जन केंद्र संचालित हैं, जिनमें 15 संवेदनशील और 4 अतिसंवेदनशील केंद्र हैं। सभी केंद्रों में आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध हैं।
इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर खरीदी, परिवहन और रीसाइक्लिंग प्रक्रिया पर निगरानी रख रहा है। शिकायतों के लिए टोल फ्री 1800-233-3663 जारी है।
जिला स्तरीय जांच समिति गठित
धान खरीदी में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर ने जिला स्तरीय जांच समिति गठित की है। समिति में अपर कलेक्टर अपूर्व प्रियेश टोप्पो, संयुक्त कलेक्टर राकेश गोलछा, खाद्य अधिकारी चितरंजन सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल हैं। समिति नियमित निरीक्षण कर रही है।
किसानों के टोकन के लिए विशेष व्यवस्था
किसानों के लिए भूमि धारिता आधारित टोकन व्यवस्था लागू है। टोकन केंद्रों से या टोकन तुहर हाथ मोबाइल ऐप से प्राप्त किए जा सकते हैं। प्रशासन ने किसानों से अनुरोध किया है कि वे केवल 17% से कम नमी वाला धान ही लेकर आएं और साथ में टोकन, ऋण पुस्तिका और आधार कार्ड अवश्य रखें।
धनराशि भुगतान 96.27% तक पहुंचा
30 नवंबर तक जिले में 1,78,310.40 क्विंटल धान खरीदा जा चुका है। इसके लिए निर्धारित 4,224.17 लाख रुपये में से 4,066.50 लाख रुपये का भुगतान किसानों के खातों में भेजा जा चुका है। प्रशासन के अनुसार धान खरीदी प्रक्रिया पारदर्शी और सुचारु रूप से जारी है।












