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गौरव पथ निर्माण में लापरवाही से बिगड़ी हालात, युवाओं की पहल से फिर पटरी पर लौटा काम

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रायगढ़। गौरव पथ का निर्माण आरम्भ होने के बाद प्रशासनिक लापरवाही और जनप्रतिनिधियों की अनदेखी के कारण यह महत्वपूर्ण परियोजना बार-बार बाधित होती रही। कभी ठेकेदार को भुगतान न होने, कभी निर्माण हेतु पर्याप्त स्थान उपलब्ध न कराने, भारी वाहनों पर प्रतिबंध न लगाने, तो कभी बिजली पोल शिफ्टिंग जैसी समस्याओं के चलते महीनों तक निर्माण कार्य ठप पड़ा रहा।

लोगों को हुई भारी परेशानी
नगर पंचायत से लेकर आईबीपी पेट्रोल पंप तक एक ओर का निर्माण कार्य तो किया गया, पर दूसरी ओर की सड़क को खोदकर अधूरा छोड़ दिया गया। इससे मार्ग संकरा हो गया और आम लोगों का आवागमन मुश्किलों से भर गया। बरसात के समय जलभराव ने स्थिति और भी खराब कर दी। आए दिन बाइक सवारों के फिसलने, ट्रकों के पलटने या फँसने और गहरे गड्ढों में वाहनों के क्षतिग्रस्त होने की घटनाएं आम हो गईं।

राजनीतिक दबाव भी नाकाम
स्वयं कांग्रेस के स्थानीय विधायक ने सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ आर्थिक नाकेबंदी कर निर्माण कार्य पूर्ण करने का दबाव बनाया। इस दौरान एक माह में काम पूरा करने का लिखित आश्वासन भी ठेकेदार की ओर से दिया गया, लेकिन वास्तविक स्थिति जस की तस बनी रही। इससे लोगों का धैर्य टूटने लगा।

स्थानीय युवाओं ने संभाला मोर्चा
लंबे समय तक समस्या का हल न निकलने पर स्थानीय युवाओं ने खुद आगे बढ़कर मोर्चा संभाला। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता को दरकिनार करते हुए युवाओं ने निर्माण कार्य पूर्ण कराने का बीड़ा उठाया। इस दौरान कुछ नकारात्मक तत्वों ने अड़चन डालने की कोशिश की, लेकिन युवाओं की एकजुटता और निरंतर दबाव के सामने उनकी मंशा नाकाम रही।

अफसरशाही को झुकना पड़ा
युवाओं ने नगर पंचायत पहुंचकर आवश्यक दबाव बनाया। परिणामस्वरूप प्रशासन और अफसरशाही को ठेकेदार का भुगतान सुनिश्चित करने और अन्य व्यवस्थाओं पर ध्यान देने को मजबूर होना पड़ा। ठेकेदार को भुगतान मिलने और व्यवस्थाएं सुनिश्चित होने के बाद निर्माण कार्य दोबारा शुरू हुआ।

सुरक्षा और यातायात की व्यवस्था भी युवाओं ने की
युवाओं ने आसपास के पावर प्लांट्स से सहयोग लेकर स्वयं सुरक्षा गार्डों की व्यवस्था की। इसके कारण निर्माण कार्य के दौरान संकरे मार्ग से एकतरफा यातायात सुचारू रूप से चलता रहा। परिणामस्वरूप राखी, जन्माष्टमी जैसे भीड़भाड़ वाले पर्व पर भी आवागमन निर्बाध रहा और निर्माण कार्य निरंतर जारी रहा।

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