स्वत: नामांतरण की सुविधा बनी उलझन – पंजीयन और राजस्व विभाग की खींचतान से आम लोग परेशान

रायगढ़। जमीन की रजिस्ट्री के बाद स्वत: नामांतरण की सुविधा आम आदमी को राहत देने के उद्देश्य से शुरू की गई थी ताकि उन्हें तहसील के चक्कर न लगाने पड़ें। लेकिन अब यह व्यवस्था और ज्यादा पेचीदा हो गई है। वजह है – पंजीयन विभाग और राजस्व विभाग के बीच जिम्मेदारियों का टकराव।
रजिस्ट्री का काम पंजीयन विभाग के अधीन है जबकि नामांतरण और ऋण पुस्तिका राजस्व विभाग के अधीन आती है। अब स्थिति यह है कि रजिस्ट्री तो उप-पंजीयक कर रहे हैं, लेकिन ऋण पुस्तिका जारी करने के लिए लोगों को तहसील में आवेदन करना पड़ रहा है। पटवारी और तहसीलदार की आईडी में रजिस्ट्री की जानकारी नहीं पहुंच रही है, जिसके कारण नामांतरण की पुष्टि नहीं हो पा रही है और ऋण पुस्तिका का वितरण लंबित हो रहा है।
भूमाफिया को मिला फायदा
रायगढ़ जिला जमीनों की हेराफेरी में पहले ही प्रदेश के टॉप फाइव जिलों में शुमार है। स्वत: नामांतरण की नई व्यवस्था ने आम लोगों को सुविधा दी है, लेकिन भूमाफियाओं के लिए भी नए रास्ते खोल दिए हैं। अब अविवादित नामांतरण का अधिकार उप-पंजीयक को दे दिया गया है, जबकि उनके पास जमीन की जांच करने का न तो अधिकार है और न ही पर्याप्त समय। चौहद्दी या बिक्री नकल की जरूरत खत्म हो जाने से अहस्तांतरणीय भूमि भी बिकने लगी है। पिछले कुछ महीनों में कई गांवों की आवंटन व कोटवारी भूमि की बिक्री हो चुकी है।
ऋण पुस्तिका का झंझट
पहले रजिस्ट्री होने के बाद संबंधित जानकारी पटवारी और तहसीलदार की आईडी में चली जाती थी। उनकी जांच के बाद नामांतरण और फिर ऋण पुस्तिका जारी होती थी। लेकिन अब रजिस्ट्री का डेटा तहसील स्तर तक नहीं पहुंच रहा है। नतीजतन, लोग ऋण पुस्तिका के लिए आवेदन तो कर रहे हैं, पर फाइलें लंबित पड़ी हैं।
नई प्रक्रिया से एक और दिक्कत सामने आई है। पहले किसान के खाते में जितनी भी जमीन होती थी, वह एक ही ऋण पुस्तिका में दर्ज होती थी। अब रजिस्ट्री के बाद हर खाते के लिए अलग-अलग ऋण पुस्तिका जारी करनी पड़ रही है। इसका मतलब यह है कि किसानों को कई ऋण पुस्तिकाओं का झंझट झेलना होगा और खातों की संख्या भी अनावश्यक रूप से बढ़ जाएगी।
समाधान की जरूरत
समस्या पूरी तरह प्रक्रियागत है, जिसे पंजीयन और राजस्व विभाग के बीच समन्वय से ही हल किया जा सकता है। फिलहाल आम नागरिकों को जिस सुविधा का वादा किया गया था, वही अब उनके लिए बड़ी परेशानी बनती जा रही है।






