Bilaspur News: अजगर के मुंह में बनी गांठ का साढ़े तीन घंटे चला ऑपरेशन, वन्यजीव विशेषज्ञ ने किया सफल उपचार

सरगुजा के वन्यजीव रेस्क्यूकर्ता सत्यम द्विवेदी की पहल पर बिलासपुर में हुई सर्जरी, ऑपरेशन के बाद ड्रिप और चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया अजगर
बिलासपुर। वन्यजीवों के संरक्षण और उपचार की दिशा में एक सराहनीय पहल सामने आई है। सरगुजा के वन्यजीव रेस्क्यूकर्ता सत्यम द्विवेदी की पहल पर मुंह के अंदर असामान्य गांठ से जूझ रहे इंडियन रॉक पाइथन (अजगर) का बिलासपुर में सर्जिकल उपचार किया गया। पेट मेडिक्स के संचालक एवं वन्यजीव विशेषज्ञ डॉ. पियूष दुबे ने लगभग साढ़े तीन घंटे तक ऑपरेशन कर अजगर के मुंह के अंदर बनी गांठ को निकाला।
साढ़े तीन घंटे तक चली सर्जरी
अजगर के मुंह में असामान्य गांठ होने के कारण उसके उपचार की जरूरत महसूस की गई। इसके बाद सत्यम द्विवेदी की पहल पर उसे बिलासपुर लाया गया, जहां वन्यजीव विशेषज्ञ डॉ. पियूष दुबे ने सर्जरी की। लगभग साढ़े तीन घंटे तक चले ऑपरेशन के दौरान अजगर के मुंह के अंदर मौजूद गांठ को निकाला गया।
ऑपरेशन के बाद दी गई चिकित्सकीय सहायता
सर्जरी पूरी होने के बाद अजगर को ड्रिप और आवश्यक चिकित्सकीय सहायता दी गई। ऑपरेशन के बाद उसकी स्थिति में सुधार सुनिश्चित करने के लिए लगातार निगरानी रखना जरूरी है।
वन्यजीव संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
इस पूरे मामले में वन्यजीव रेस्क्यूकर्ता सत्यम द्विवेदी की पहल और विशेषज्ञ चिकित्सक की भूमिका महत्वपूर्ण रही। वन्यजीवों को समय पर उपचार उपलब्ध कराना उनके संरक्षण की दिशा में अहम कदम है।
फिलहाल, अजगर की बेहतर रिकवरी के लिए निरंतर चिकित्सकीय निगरानी की आवश्यकता है। आने वाले समय में उसकी सेहत में होने वाला सुधार उपचार की सफलता और आगे की देखभाल के लिए महत्वपूर्ण रहेगा।






