Chhattisgarh: उत्कृष्ट शिक्षा और रोजगार के नए अवसरों से संवर रहा बच्चों का भविष्य—मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और रोजगार के नए अवसर बच्चों और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव हैं। छत्तीसगढ़ सरकार गांवों से लेकर सुदूर वनांचलों तक बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं और भविष्य की तकनीक के लिए तैयार कर रही है।
मुख्यमंत्री ने राजधानी रायपुर के जोरा स्थित एक निजी होटल में आयोजित आईबीसी24 ‘स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप 2026’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही। इस दौरान उन्होंने टॉपर बेटियों को सम्मानित कर स्कॉलरशिप प्रदान की और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
प्रदेश टॉपर ओमनी वर्मा को मिला एक लाख रुपये का पुरस्कार
कक्षा 12वीं की परीक्षा में पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल करने वाली बेमेतरा की ओमनी वर्मा को मुख्यमंत्री ने एक लाख रुपये का चेक और सम्मान पत्र प्रदान किया। उनके विद्यालय स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम कन्या विद्यालय, बेमेतरा को भी एक लाख रुपये की राशि का चेक दिया गया।
मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले विशिष्टजनों का सम्मान किया। साथ ही बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने वाली पुस्तक ‘मेधा’ का विमोचन भी किया।
बेटियों की उपलब्धि पूरे प्रदेश के लिए गौरव
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रतिभावान बेटियों की उपलब्धियां उनके परिवार और विद्यालय के साथ पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव की बात हैं। उन्होंने कहा कि कठिन परिश्रम, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के बल पर प्रदेश की बेटियां हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही हैं।
मिट्टी के स्कूल से IIT-IIM और AIIMS तक पहुंचा छत्तीसगढ़
विद्यार्थियों से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने अपने विद्यार्थी जीवन की स्मृतियां साझा कीं। उन्होंने बताया कि उनकी प्रारंभिक शिक्षा उनके गृहग्राम बगिया की प्राथमिक शाला में हुई थी। उस समय गांव के स्कूल का भवन मिट्टी का था और उसकी मरम्मत में ग्रामीण मिलकर सहयोग करते थे।
उन्होंने कहा कि राज्य निर्माण के 25 वर्षों में छत्तीसगढ़ ने शिक्षा के क्षेत्र में लंबी यात्रा तय की है। आज प्रदेश में स्कूल से लेकर उच्च शिक्षा तक संस्थानों का व्यापक नेटवर्क विकसित हुआ है। प्रत्येक विकासखंड में महाविद्यालय उपलब्ध हैं, वहीं आईआईटी, आईआईएम और एम्स जैसे राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थान भी प्रदेश में संचालित हो रहे हैं।
बस्तर में शिक्षा के नए अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में शांति की स्थापना के साथ शिक्षा के क्षेत्र में भी नए अवसर विकसित हो रहे हैं। जगरगुंडा और ओरछा जैसे क्षेत्रों में एजुकेशन सिटी की शुरुआत की जा रही है। जिन क्षेत्रों में कभी परिस्थितियों के कारण शिक्षा तक पहुंच मुश्किल थी, वहां अब बच्चों के लिए बेहतर शैक्षणिक अधोसंरचना और नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं।






