Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ को मिला पहला शासकीय होम्योपैथी कॉलेज, BHMS की 63 सीटों पर प्रवेश का रास्ता खुला

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के प्रयासों से नवा रायपुर के कॉलेज को मिली सशर्त अनुमति
रायपुर। छत्तीसगढ़ में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार और आयुष चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। राज्य के पहले शासकीय होम्योपैथी कॉलेज को शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए बैचलर ऑफ होम्योपैथिक मेडिसिन एंड सर्जरी (BHMS) पाठ्यक्रम की 63 सीटों पर प्रवेश की सशर्त अनुमति मिली है। इससे प्रदेश के युवाओं के लिए होम्योपैथी चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में नए अवसर खुलेंगे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार चिकित्सा शिक्षा के विस्तार पर जोर दे रही है। वहीं, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के प्रयासों से नवा रायपुर स्थित यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ होम्योपैथी को यह महत्वपूर्ण स्वीकृति मिली है।
राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग ने दी सशर्त अनुमति
राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग (NCH), नई दिल्ली के अंतर्गत होम्योपैथी चिकित्सा आकलन एवं रेटिंग बोर्ड (MARBH) ने 12 अक्टूबर 2026 को जारी अनुमति पत्र के माध्यम से कॉलेज को शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए BHMS पाठ्यक्रम संचालित करने की सशर्त अनुमति प्रदान की है।
यह अनुमति राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग अधिनियम, 2020 की धारा 29 के अंतर्गत दी गई है। इसके तहत कॉलेज में कुल 63 सीटों पर विद्यार्थियों को प्रवेश देने की स्वीकृति प्रदान की गई है।
नवा रायपुर में संचालित होगा पाठ्यक्रम
स्वीकृति प्राप्त करने वाला यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ होम्योपैथी नवा रायपुर के सेक्टर-40, उपरवारा, अटल नगर में स्थित है। यहां BHMS पाठ्यक्रम शुरू होने से छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों को होम्योपैथी चिकित्सा की पढ़ाई के लिए एक नया शासकीय संस्थान उपलब्ध होगा।
इससे चिकित्सा शिक्षा के विकल्पों का विस्तार होने के साथ प्रदेश में आयुष शिक्षा के बुनियादी ढांचे को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
युवाओं के लिए खुलेंगे नए अवसर
शासकीय होम्योपैथी कॉलेज को मिली अनुमति प्रदेश के उन युवाओं के लिए महत्वपूर्ण है, जो चिकित्सा के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं। BHMS पाठ्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को होम्योपैथी चिकित्सा में व्यावसायिक शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
हालांकि, कॉलेज को मिली अनुमति सशर्त है। इसलिए प्रवेश प्रक्रिया और अन्य औपचारिकताओं के संबंध में आयोग तथा संबंधित संस्थान की ओर से जारी आधिकारिक दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा।
चिकित्सा शिक्षा के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
छत्तीसगढ़ में पहले शासकीय होम्योपैथी कॉलेज को मिली यह स्वीकृति राज्य की चिकित्सा शिक्षा व्यवस्था के विस्तार की दिशा में अहम मानी जा रही है। अब 63 सीटों के साथ BHMS पाठ्यक्रम के संचालन से प्रदेश के विद्यार्थियों को अपने ही राज्य में होम्योपैथी की पढ़ाई करने का अवसर मिलेगा।






