IPS Ratanlal Dangi Case: हाईकोर्ट में सरकार का बड़ा अपडेट, प्राथमिक जांच में आरोप प्रमाणित; नई जांच टीम का प्रस्ताव

निलंबित IPS रतनलाल डांगी से जुड़े महिला उत्पीड़न मामले में सुनवाई, दीपांशु काबरा और प्रशांत कुमार अग्रवाल के नाम जांच के लिए प्रस्तावित
बिलासपुर। निलंबित आईपीएस अधिकारी रतनलाल डांगी से जुड़े महिला उत्पीड़न मामले में बिलासपुर हाईकोर्ट में गुरुवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि मामले की प्राथमिक जांच में लगाए गए आरोप प्रमाणित पाए गए हैं। सरकार ने आगे की जांच प्रक्रिया को लेकर भी जानकारी न्यायालय के समक्ष रखी।
दीपांशु काबरा और प्रशांत कुमार अग्रवाल के नाम प्रस्तावित
सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि मामले की आगे की जांच के लिए IPS दीपांशु काबरा को जांच अधिकारी और IPS प्रशांत कुमार अग्रवाल को प्रस्तुतकर्ता अधिकारी बनाए जाने का प्रस्ताव पुलिस महानिदेशक की ओर से गृह सचिव को भेजा गया है। फिलहाल यह नियुक्ति का अंतिम आदेश नहीं, बल्कि प्रस्ताव के रूप में न्यायालय के सामने रखी गई जानकारी है।
मामले की अगली सुनवाई अगले सप्ताह होने की जानकारी दी गई है।
जांच प्रक्रिया पर याचिकाकर्ता ने जताई थी आपत्ति
मामले में याचिकाकर्ता की ओर से जांच प्रक्रिया को लेकर आपत्ति दर्ज कराई गई थी। याचिका में आरोप लगाया गया था कि पहले जिन अधिकारियों को जांच की जिम्मेदारी दी गई थी, उनकी भूमिका को लेकर शिकायतकर्ता ने सवाल उठाए थे। याचिकाकर्ता की ओर से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई थी।
इससे पहले 12 अगस्त 2026 की सुनवाई में हाईकोर्ट ने मामले को गंभीर बताते हुए संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा था। इसके बाद 2 सितंबर की सुनवाई में जवाब प्रस्तुत नहीं किए जाने पर कोर्ट ने नाराजगी जताई थी।
संपत्तियों की जांच की मांग भी उठी
याचिका में रतनलाल डांगी से संबंधित कथित चल-अचल संपत्तियों की जांच की मांग भी उठाई गई है। शिकायत में छत्तीसगढ़ के विभिन्न स्थानों के साथ राजस्थान में कथित संपत्तियों का भी उल्लेख किए जाने की जानकारी सामने आई है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि इन शिकायतों की जांच उचित तरीके से नहीं की गई।
महिला योग शिक्षिका की शिकायत से जुड़ा है मामला
यह मामला एक महिला योग शिक्षिका की शिकायत से जुड़ा है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार महिला ने आरोप लगाया था कि ऑनलाइन योग सत्र के दौरान तत्कालीन आईजी रतनलाल डांगी से संपर्क हुआ और बाद में कथित आपत्तिजनक संदेश तथा वीडियो कॉल के दौरान अनुचित व्यवहार किया गया। महिला ने विरोध करने पर धमकी दिए जाने के आरोप भी लगाए हैं।
महिला ने 15 अक्टूबर 2025 को तत्कालीन पुलिस महानिदेशक के समक्ष शिकायत प्रस्तुत की थी। इसके बाद मामले की जांच के लिए आईपीएस अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई थी। कार्रवाई से संतुष्ट नहीं होने का आरोप लगाते हुए महिला ने बाद में केंद्र और राज्य के गृह विभाग के समक्ष भी शिकायत की और फिर हाईकोर्ट का रुख किया।
आगे की जांच पर हाईकोर्ट की नजर
अब राज्य सरकार की ओर से प्राथमिक जांच में आरोप प्रमाणित पाए जाने की जानकारी दिए जाने के बाद मामले की आगे की जांच और प्रस्तावित जांच अधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। अगली सुनवाई में इस संबंध में आगे की स्थिति स्पष्ट होने की संभावना है।






