गणेश चतुर्थी पर जंगल में गूंजी किलकारी, हथिनी ने दिया नन्हे शावक को जन्म

बाकारूमा रेंज के ससकोबा जंगल में 11 हाथियों के दल में आया नया सदस्य, वन विभाग ने बढ़ाई निगरानी
रायगढ़। गणेश चतुर्थी के अवसर पर धरमजयगढ़ वन मंडल से वन्यजीव प्रेमियों के लिए खुशखबरी सामने आई है। बाकारूमा रेंज के ससकोबा परिसर में एक मादा हथिनी ने नन्हे शावक को जन्म दिया है। संयोग की बात यह है कि जिस दिन देशभर में भगवान गणेश का जन्मोत्सव मनाया जा रहा था, उसी दिन जंगल में हाथियों के कुनबे में भी एक नए सदस्य का आगमन हुआ।
11 हाथियों के दल में हुआ शावक का जन्म
जानकारी के मुताबिक बाकारूमा रेंज के ससकोबा परिसर स्थित 99 पीएफ क्षेत्र में करीब 11 हाथियों का दल लगातार विचरण कर रहा है। इसी दल में शामिल मादा हथिनी ने गणेश चतुर्थी के दिन शावक को जन्म दिया। वन विभाग के अनुसार नवजात शावक अपनी मां के साथ सुरक्षित है और हाथियों का दल फिलहाल जंगल के भीतर ही मौजूद है।
मां और शावक की सुरक्षा पर विशेष नजर
शावक के जन्म की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग ने संबंधित क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है। विभाग की टीम हाथियों के दल की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही है। प्राथमिकता नवजात शावक और उसकी मां को सुरक्षित रखना है, ताकि किसी तरह की मानव दखल या अन्य परेशानी से उन्हें बचाया जा सके।
हाथियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी
वन विभाग की टीम हाथियों के आवागमन और उनके ठहरने वाले क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए है। विभाग की ओर से क्षेत्र की परिस्थितियों की लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि हाथियों के दल के आसपास किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।
रेंजर ने बताया, क्षेत्र में लगातार बनी हुई है हाथियों की मौजूदगी
बाकारूमा रेंज के रेंजर विष्णु मरावी के अनुसार धरमजयगढ़ वन मंडल क्षेत्र में हाथियों की मौजूदगी लगातार बनी हुई है। ऐसे में हाथियों के दल में नए शावक का जन्म वन विभाग के लिए निगरानी की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। टीम शावक और उसकी मां के साथ पूरे दल की गतिविधियों पर नजर रख रही है।






