खरसिया में बेशकीमती जमीन पर कब्जे का आरोप, जेसीबी से मकान तोड़कर प्रीकास्ट दीवार खड़ी करने का दावा

वार्ड नंबर 18 में एनएच किनारे की जमीन को लेकर विवाद, चक्रधारी परिवार ने प्रशासन और पुलिस से की शिकायत
खरसिया। खरसिया शहर में कीमती जमीन पर कब्जे को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। वार्ड नंबर 18 में एनएच किनारे स्थित जमीन को लेकर दो पक्ष आमने-सामने हैं। मामले को लेकर एक पक्ष ने राजस्व अधिकारियों, जिला प्रशासन और पुलिस के समक्ष शिकायत दर्ज कराते हुए जमीन पर जबरन कब्जा किए जाने का आरोप लगाया है।
चक्रधारी परिवार का दावा है कि संबंधित भूमि पर उनका लंबे समय से कब्जा रहा है और वहां पुराना मकान एवं अन्य निर्माण मौजूद थे। परिवार के अनुसार, रात के समय जेसीबी की मदद से इन निर्माणों को हटाकर जमीन के चारों ओर प्रीकास्ट दीवार खड़ी कर दी गई।
रात में जेसीबी से कार्रवाई का आरोप
प्रार्थी चंद्रमणि कुम्हार की ओर से की गई शिकायतों के अनुसार, विवादित भूमि वार्ड नंबर 18 में संस्कार हॉस्पिटल के सामने स्थित है। शिकायत में दावा किया गया है कि 23 अगस्त 2026 की रात खरसिया निवासी राजेश अग्रवाल सहित करीब 50 से 60 लोग मौके पर पहुंचे।
परिवार का आरोप है कि इस दौरान बिना नंबर प्लेट की जेसीबी मशीन का इस्तेमाल किया गया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि जेसीबी चालक ने पहचान छिपाने के लिए चेहरे पर मास्क लगा रखा था।
पुराने मकान और बिजली मीटर क्षतिग्रस्त करने का दावा
शिकायतकर्ता परिवार के मुताबिक, मौके पर मौजूद लोगों ने विरोध करने पर कथित तौर पर मारपीट और जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद वर्षों पुराने मकान, मुख्य गेट और बिजली मीटर वाले परिसर को जेसीबी से तोड़े जाने का आरोप लगाया गया है।
परिवार का कहना है कि निर्माण हटाने के बाद संबंधित भूमि को प्रीकास्ट दीवारों से घेर दिया गया। इस घटना को लेकर परिवार ने प्रशासन से मामले की जांच कर जमीन की स्थिति स्पष्ट करने और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
सीएम हेल्पलाइन से लेकर राजस्व अधिकारियों तक शिकायत
मामले को लेकर चक्रधारी परिवार की ओर से सीएम हेल्पलाइन, कलेक्टर रायगढ़, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व खरसिया और स्थानीय पुलिस चौकी में शिकायत किए जाने की बात कही गई है। शिकायतों में भूमि पर लंबे समय से अपने कब्जे और स्वामित्व का दावा करते हुए कथित रूप से किए गए निर्माण तोड़ने और कब्जे की जांच की मांग की गई है।
राजस्व प्रक्रिया में विवाद, जांच के बाद सामने आएगी स्थिति
जमीन के स्वामित्व और कब्जे को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद अब राजस्व स्तर तक पहुंच गया है। शिकायतकर्ता पक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। ऐसे में संबंधित दस्तावेज, भूमि अभिलेख, मौके की स्थिति और दोनों पक्षों के दावों की जांच के आधार पर प्रशासनिक स्तर पर आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।






