लैलूंगा सड़क संघर्ष : हजारों ग्रामीणों ने किया महाचक्का जाम, PWD ने मरम्मत के लिए 19.91 करोड़ की दी मंजूरी

रायगढ़। लैलूंगा क्षेत्र में केशला–तोलगे सड़क निर्माण की मांग को लेकर शनिवार को हजारों ग्रामीणों ने ऐतिहासिक महाचक्का जाम किया। केशला–तोलगे सड़क संघर्ष समिति के नेतृत्व में आयोजित इस आंदोलन में करीब 15 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण, किसान, महिलाएं, युवा, व्यापारी और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए।
20 साल से सड़क की बदहाली से परेशान ग्रामीण
ग्रामीणों ने बताया कि पिछले दो दशकों से सड़क की खराब स्थिति के कारण बरसात के दिनों में आवागमन बेहद कठिन हो जाता है। इसका सीधा असर विद्यार्थियों, किसानों, मरीजों और व्यापारियों पर पड़ रहा है। कई बार मांग और ज्ञापन देने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं होने पर ग्रामीणों ने लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन का रास्ता अपनाया।
भजन और लोकगीतों के जरिए उठाई सड़क निर्माण की मांग
महाचक्का जाम के दौरान ग्रामीणों ने शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से प्रदर्शन किया। कीर्तन मंडलियों, भजन मंडलियों और लोक कलाकारों ने गीतों के माध्यम से सड़क निर्माण की मांग को प्रमुखता से उठाया। आंदोलन में महिलाओं और युवाओं की बड़ी भागीदारी देखने को मिली।
PWD ने दिया लिखित आश्वासन
आंदोलन के बाद लोक निर्माण विभाग (PWD) ने संघर्ष समिति को लिखित आश्वासन दिया। विभाग के अनुसार उरबा–तोलगे मार्ग की 14.60 किलोमीटर सड़क की विशेष मरम्मत के लिए 19.91 करोड़ रुपये स्वीकृत किए जा चुके हैं। टेंडर प्रक्रिया जारी है और 15 अक्टूबर 2026 से मरम्मत कार्य शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
विभाग ने यह भी बताया कि 15 अगस्त तक पैच मरम्मत कर सड़क को आवागमन योग्य बनाने का प्रयास किया जाएगा।
स्थायी निर्माण के लिए भेजा गया 74.47 करोड़ का प्रस्ताव
इसके अलावा उरबा–तमनार मार्ग के स्थायी निर्माण के लिए 74.47 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद 15 अक्टूबर 2027 से स्थायी निर्माण कार्य शुरू करने की योजना है।
संघर्ष समिति ने दी आगे आंदोलन की चेतावनी
संघर्ष समिति ने इसे क्षेत्रवासियों की एकजुटता और विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। समिति ने कहा कि यदि तय समय के अनुसार कार्य शुरू नहीं हुआ तो क्षेत्र की जनता आगे भी आंदोलन जारी रखने के लिए बाध्य होगी।








