छत्तीसगढ़ में RTE के तहत बड़ा फैसला: केंद्र सरकार ने जारी किए 339.73 करोड़ रुपये, चार साल से लंबित भुगतान हुआ जारी

रायपुर। शिक्षा के अधिकार (RTE) के तहत निजी स्कूलों में पढ़ने वाले आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों की फीस भुगतान के लिए केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ को 339.73 करोड़ रुपये जारी किए हैं। यह राशि पिछले लगभग चार वर्षों से लंबित थी, जिसे अब एक साथ जारी किया गया है।
स्कूल शिक्षा विभाग के अनुसार, पहली बार केंद्र सरकार ने RTE के तहत इतनी बड़ी राशि एकमुश्त जारी की है, जिसे राज्य के शिक्षा तंत्र के लिए एक महत्वपूर्ण राहत माना जा रहा है।
RTE योजना के तहत गरीब बच्चों को मिलता है मुफ्त प्रवेश
RTE कानून के तहत निजी स्कूलों की कक्षा-1 में 25 प्रतिशत सीटें आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों के बच्चों के लिए आरक्षित होती हैं। इन बच्चों की फीस का भुगतान सरकार करती है।
इस योजना में केंद्र और राज्य सरकार की हिस्सेदारी क्रमशः 60 प्रतिशत और 40 प्रतिशत रहती है।
राज्य सरकार अपना अंश समय पर देती रही, लेकिन केंद्र की राशि लंबे समय से लंबित थी।
शिक्षा मंत्री की पहल के बाद जारी हुई राशि
शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव की पहल के बाद केंद्र सरकार ने लंबित भुगतान जारी किया है।
समग्र शिक्षा की आयुक्त किरण कौशल ने जानकारी दी कि प्राप्त 339.73 करोड़ रुपये शिक्षा विभाग को हस्तांतरित कर दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि यह पहली बार है जब RTE के लिए इतनी बड़ी राशि एक साथ प्राप्त हुई है।
शैक्षणिक सत्र 2026-27 की प्रवेश प्रक्रिया जारी
वर्तमान में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए RTE के दूसरे चरण की प्रवेश प्रक्रिया चल रही है। इस वर्ष से केवल कक्षा-1 में ही प्रवेश दिया जा रहा है।
राज्य में निजी स्कूलों की कक्षा-1 की कुल 21,975 सीटें RTE के तहत आरक्षित हैं।
पहले राउंड में 13,383 बच्चों को मिला प्रवेश
पहले चरण की प्रक्रिया में 13,383 बच्चों को निजी स्कूलों में प्रवेश दिया गया है।
अब शेष सीटों के लिए आवेदन प्रक्रिया जारी है।
विभाग के अनुसार, पहले राउंड में 369 निजी स्कूल ऐसे रहे, जहां एक भी आवेदन नहीं आया, जो चर्चा का विषय बना हुआ है।








