रायपुर में अमरनाथ इस्पात फैक्ट्री में बड़ी चोरी, चौकीदार को बंधक बनाकर पीटा; 800 किलो कॉपर वायर ले उड़े चोर

हीरापुर इलाके में रात डेढ़ बजे से सुबह 5 बजे तक फैक्ट्री में रहे आरोपी, 10 से 12 लाख रुपये का नुकसान होने का अनुमान; सीसीटीवी कैमरे और डीवीआर भी उखाड़कर ले गए
रायपुर। हाई अलर्ट के बीच राजधानी रायपुर के हीरापुर इलाके में स्थित अमरनाथ इस्पात फैक्ट्री में चोरी की बड़ी वारदात सामने आई है। देर रात फैक्ट्री में घुसे चोरों ने वहां तैनात चौकीदार को बंधक बनाकर बेरहमी से पीटा। इसके बाद आरोपी करीब 800 किलो कॉपर वायर काटकर ले गए। चोरी हुए वायर की कीमत लगभग 10 से 12 लाख रुपये बताई जा रही है। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी फैक्ट्री में लगे सीसीटीवी कैमरे और रिकॉर्डिंग के लिए इस्तेमाल होने वाला डीवीआर भी उखाड़कर ले गए।
चौकीदार को बांधकर की मारपीट
कबीर नगर पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, देर रात चोर अमरनाथ इस्पात फैक्ट्री में दाखिल हुए। वहां मौजूद चौकीदार को आरोपियों ने पकड़ लिया और बांधकर उसकी पिटाई की। बताया जा रहा है कि चौकीदार को इस तरह बंधक बनाया गया, ताकि वह विरोध न कर सके और शोर मचाकर किसी को सूचना न दे पाए।
इसके बाद आरोपियों ने फैक्ट्री में रखे कॉपर वायर को काटा और बड़ी मात्रा में वायर लेकर फरार हो गए। चौकीदार के अनुसार, वारदात रात करीब डेढ़ बजे शुरू हुई और आरोपी सुबह लगभग 5 बजे तक फैक्ट्री में मौजूद रहे।
सबूत मिटाने के लिए कैमरे और डीवीआर भी ले गए
चोरी की वारदात के बाद आरोपी फैक्ट्री में लगे सीसीटीवी कैमरे और रिकॉर्डिंग के लिए इस्तेमाल होने वाला डीवीआर भी उखाड़कर अपने साथ ले गए। इससे घटना से जुड़े वीडियो फुटेज हासिल करने में पुलिस को चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, वारदात में शामिल आरोपियों की पहचान और उनके भागने के रास्ते का पता लगाने के लिए पुलिस अन्य संभावित साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।
कबीर नगर पुलिस और एसीसीयू की संयुक्त जांच
घटना की सूचना मिलने के बाद कबीर नगर पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। मामले की पड़ताल के लिए कबीर नगर पुलिस और एसीसीयू की संयुक्त टीम काम कर रही है। पुलिस आरोपियों की पहचान करने और चोरी गए कॉपर वायर की बरामदगी के प्रयास में जुटी है।
हाई अलर्ट के बीच हुई इस वारदात ने औद्योगिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल, पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि चोरी में कितने आरोपी शामिल थे और वे वारदात को अंजाम देने के बाद किस दिशा में फरार हुए।






