छत्तीसगढ़ में मानसून सक्रिय, कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट; कोरबा और सक्ती में जमकर बरसे बादल

रायपुर। देश के कई हिस्सों में लगातार हो रही बारिश के बीच छत्तीसगढ़ में भी मानसून सक्रिय बना हुआ है। पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के अधिकांश जिलों में बारिश दर्ज की गई है। कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने से नदी-नाले उफान पर हैं और कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनी हुई है।
इन जिलों में भारी बारिश की संभावना
मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में आज भी बारिश की संभावना जताई है। सुकमा, बीजापुर, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा, बस्तर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर में भारी बारिश हो सकती है। कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की भी संभावना है।
कोरबा में 796.6 मिलीमीटर औसत वर्षा
कोरबा जिले में 1 जून 2026 से 19 अगस्त तक 796.6 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है। तहसीलवार आंकड़ों के अनुसार कोरबा में 1037 मिमी, दर्री में 954.6 मिमी, पाली में 863.5 मिमी, दीपका में 884.6 मिमी, पोड़ी-उपरोड़ा में 855.4 मिमी, कटघोरा में 813.4 मिमी और करतला में 805.5 मिमी बारिश दर्ज हुई है।
इसी अवधि में अजगरबहार में 703 मिमी, भैंसमा में 810.2 मिमी, बरपाली में 773.4 मिमी, हरदीबाजार में 621.4 मिमी और पसान में 694.4 मिमी वर्षा दर्ज की गई। पिछले 24 घंटे में कोरबा जिले में 21.5 मिलीमीटर औसत बारिश हुई।
सक्ती में 778.6 मिलीमीटर बारिश
सक्ती जिले में 1 जून से 19 अगस्त 2026 तक 778.6 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है। पिछले 24 घंटे में जिले में 13.3 मिलीमीटर औसत बारिश हुई।
तहसीलवार आंकड़ों में चंद्रपुर में 914.8 मिमी, मालखरौदा में 902.4 मिमी, नया बाराद्वार में 842 मिमी, डभरा में 816.7 मिमी और भोथिया में 780 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। वहीं सक्ती में 688 मिमी, जैजैपुर में 608.1 मिमी, अड़भार में 756.9 मिमी और हसौद में 698.7 मिमी बारिश दर्ज हुई।
सक्ती जिले में बीते 24 घंटे की बारिश
पिछले 24 घंटे में सक्ती तहसील में 8.2 मिमी, जैजैपुर में 9.4 मिमी, मालखरौदा में 13.6 मिमी, डभरा में 12.7 मिमी, नया बाराद्वार में 12 मिमी, अड़भार में 13.4 मिमी, हसौद में 11.4 मिमी, चंद्रपुर में 23.8 मिमी और भोथिया में 15.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
लगातार बारिश को देखते हुए प्रशासन और संबंधित विभागों को जलभराव, नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर तथा आवागमन प्रभावित होने वाले क्षेत्रों पर नजर रखने की जरूरत है। लोगों से भी जलमग्न और नदी-नालों के आसपास जाने से बचने की अपील की गई है।






