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रायगढ़ जिले को डीएमएफ से मिली 35.76 करोड़ की बड़ी सौगात, शिक्षा से सड़क तक विकास कार्यों को मंजूरी

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रायगढ़। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व तथा वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी के विशेष प्रयासों से रायगढ़ जिले के सर्वांगीण विकास की दिशा में लगातार महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। इसी क्रम में जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) मद से 35 करोड़ 76 लाख 94 हजार रुपये की लागत के 13 विकास कार्यों को प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।

इन परियोजनाओं का उद्देश्य खनन प्रभावित क्षेत्रों के लोगों के जीवन स्तर को ऊपर उठाना और शिक्षा, कौशल विकास, कृषि एवं ग्रामीण अधोसंरचना को मजबूत करना है। योजना का सीधा लाभ धरमजयगढ़, लैलूंगा, घरघोड़ा और तमनार विकासखंडों के ग्रामीण परिवारों, युवाओं एवं विद्यार्थियों को मिलेगा।


चार विकासखंडों में बनेंगे आधुनिक पुस्तकालय भवन

ग्रामीण अंचलों के विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ा कदम उठाते हुए तमनार, घरघोड़ा, लैलूंगा और धरमजयगढ़ में पुस्तकालय भवन निर्माण हेतु 6 करोड़ 39 लाख 64 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

इन पुस्तकालयों में आधुनिक अध्ययन सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे ग्रामीण छात्रों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिल सकेगा।


आईटीआई भवनों का होगा उन्नयन, युवाओं को मिलेगा बेहतर प्रशिक्षण

स्थानीय युवाओं को रोजगारोन्मुखी कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के लिए—

  • शासकीय आईटीआई घरघोड़ा के जीर्णोद्धार हेतु 1.56 करोड़ रुपये
  • शासकीय आईटीआई धरमजयगढ़ के लिए 82.86 लाख रुपये

की स्वीकृति दी गई है। इन कार्यों से तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।


कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा नया आधार

तमनार विकासखंड में किसानों की आर्थिक गतिविधियों को मजबूत करने के लिए—

  • FPO व्यावसायिक परिसर (G+1) निर्माण हेतु 1.21 करोड़ रुपये
  • बाजार शेड यार्ड निर्माण हेतु 1.05 करोड़ रुपये

स्वीकृत किए गए हैं। इससे किसानों को उत्पादों के भंडारण, विपणन और व्यापार के लिए बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।


24.73 करोड़ से मजबूत होगा ग्रामीण सड़क नेटवर्क

ग्रामीण संपर्क व्यवस्था को मजबूत करने के लिए करीब 24.73 करोड़ रुपये की लागत से 8 महत्वपूर्ण सड़क निर्माण कार्यों को मंजूरी दी गई है।

इनमें प्रमुख सड़कें शामिल हैं—

  • पीपराही से डीपापारा
  • सुबरा से कटकलिया
  • कोंडकेल से गेरूपानी
  • ढाप से भवानीपुर
  • किलकिला से उड़ीसा बॉर्डर
  • बरमुड़ा से उकारीपाली
  • टेरम से छिरभौंना
  • बाम्हनबहरी से पुलाईआंट

इन सड़कों के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन आसान होगा और शिक्षा, स्वास्थ्य व व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी।


365 दिनों में पूरा करने के निर्देश

सभी स्वीकृत परियोजनाओं के लिए छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) को कार्य एजेंसी नियुक्त किया गया है। जिला प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि सभी कार्य 365 दिनों के भीतर गुणवत्ता मानकों के साथ पूर्ण किए जाएं तथा नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।

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