रायगढ़ कथक कार्यशाला : 15 से 19 जुलाई तक पांच दिवसीय आयोजन, देश-विदेश के ख्याति प्राप्त कलाकार देंगे प्रशिक्षण

संस्कृति विभाग के सहयोग से होगा आयोजन
रायगढ़ में कला एवं संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के उद्देश्य से मधुगुंजन संगीत समिति द्वारा संस्कृति विभाग छत्तीसगढ़ शासन के सहयोग से पांच दिवसीय कथक कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यशाला 15 से 19 जुलाई तक आयोजित होगी।
रायगढ़ घराने की परंपरा को मिलेगा बढ़ावा
संगीत सम्राट महाराजा चक्रधर सिंह के योगदान से विश्वभर में प्रसिद्ध रायगढ़ की कला परंपरा को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से यह आयोजन किया जा रहा है। कार्यशाला में सह प्रायोजक के रूप में नगर की प्रसिद्ध संस्था श्री वैष्णव संगीत महाविद्यालय सहयोग करेगी।
देश के प्रसिद्ध गुरु देंगे प्रशिक्षण
कार्यशाला में प्रमुख गुरु के रूप में डॉ. सम्राट चौधरी (अगरतला, पश्चिम त्रिपुरा) उपस्थित रहेंगे। वे वर्तमान में खैरागढ़ में निवासरत हैं और कथक नृत्य में डॉक्टरेट होने के साथ दूरदर्शन के ग्रेडेड कलाकार एवं कई राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी प्रस्तुति दे चुके हैं।
रायगढ़ की बेटी चित्रांशी पाणिकर भी देंगी प्रशिक्षण
कार्यशाला में अंतरराष्ट्रीय कथक नृत्यांगना सुश्री चित्रांशी पाणिकर भी शामिल होंगी। वे रायगढ़ की निवासी हैं और वर्तमान में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से कथक विषय में डॉक्टरेट कर रही हैं।
कलाकारों की विशेष प्रस्तुतियां और मार्गदर्शन
कार्यशाला की तीसरी कलाकार के रूप में अंतरराष्ट्रीय युवा कथक नृत्यांगना सुश्री ज्योति श्री वैष्णव (रायगढ़ घराना, बिलासपुर) प्रदर्शनात्मक आख्यान प्रस्तुत करेंगी। संगत कलाकारों में हारमोनियम एवं गायन के लिए श्री लालाराम लोनिया और तबला वादन के लिए श्री दीपक साहू मौजूद रहेंगे।
75 विद्यार्थियों ने कराया पंजीयन
कार्यशाला के लिए जूनियर और सीनियर वर्ग के विद्यार्थियों से आवेदन आमंत्रित किए गए थे, जिसमें अब तक करीब 75 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। पांच दिनों तक प्रतिदिन शाम 5 बजे से रात 9 बजे तक युवा कलाकारों को कथक की बारीकियां सिखाई जाएंगी।
मल्टीपर्पज हॉल में होगा आयोजन
यह पांच दिवसीय कथक कार्यशाला रायगढ़ स्टेडियम के मल्टीपर्पज हॉल में आयोजित होगी। आयोजन में अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कथक गुरु श्री शरद वैष्णव, श्रीमती रोशनी वैष्णव, मधुगुंजन संगीत समिति के कार्यकारी अध्यक्ष श्री अजीत स्वाइन, श्रीमती सुनैना स्वाइन, कलाविद मनोज श्रीवास्तव, सुश्री निहारिका यादव, सुश्री निधि बाजपेई और सुश्री जेनिफर जोसेफ की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।








