रायगढ़

रायगढ़ : पाकरगांव का जवांफूल चावल बना पहचान, खुशबू और स्वाद से किसानों को मिल रहा बड़ा लाभ

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रायगढ़। जिले का एक छोटा सा गांव इन दिनों अपने अनोखे और पारंपरिक चावल की खेती को लेकर चर्चा में है। पाकरगांव में उत्पादित जवांफूल चावल ने अपनी खुशबू और स्वाद के कारण बाजार में अलग पहचान बनाई है। इसकी मांग बढ़ने से किसानों को भी अच्छा आर्थिक लाभ मिल रहा है।

पाकरगांव के जवांफूल चावल की कीमत बाजार में करीब 175 से 180 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। स्वाद और गुणवत्ता के कारण लोग इसे पसंद कर रहे हैं, जिससे पारंपरिक धान की खेती करने वाले किसानों का उत्साह बढ़ा है।

10 एकड़ में कर रहे जवांफूल धान की खेती

गांव के किसान सेवक राम नायक, बूंद राम नायक, निर्भय राम नायक, प्रदीप नायक और गणेश राम नायक मिलकर करीब 10 एकड़ भूमि में जवांफूल धान की खेती कर रहे हैं।

किसानों का कहना है कि यह केवल खेती नहीं, बल्कि उनकी पीढ़ियों से चली आ रही परंपरा है। वे लंबे समय से इस पारंपरिक धान की किस्म को संरक्षित करते आ रहे हैं और इसकी गुणवत्ता एवं मौलिकता बनाए रखने का प्रयास कर रहे हैं।

पारंपरिक धान से बढ़ी किसानों की आय

जवांफूल चावल की बढ़ती मांग ने किसानों को नई उम्मीद दी है। कम उत्पादन के बावजूद इसकी अच्छी कीमत मिलने से किसानों की आय में बढ़ोतरी हो रही है। स्थानीय स्तर पर प्रसिद्ध यह चावल अब जिले के बाहर भी अपनी पहचान बना रहा है।

पाकरगांव के किसानों की यह पहल पारंपरिक कृषि और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने का उदाहरण बन रही है।

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