जन्माष्टमी पर आज पूरे छत्तीसगढ़ में शुष्क दिवस, शराब की दुकानें और बार रहेंगे बंद

रायपुर। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर राज्य शासन ने शुक्रवार, 4 सितंबर 2026 को पूरे छत्तीसगढ़ में ‘शुष्क दिवस’ घोषित किया है। इसके तहत प्रदेशभर में शराब की बिक्री और परोसने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। इस संबंध में वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग की ओर से आदेश जारी कर संबंधित अधिकारियों को निर्देशों का सख्ती से पालन कराने कहा गया है।
देशी-विदेशी शराब की सभी फुटकर दुकानें बंद
शासन के आदेश के मुताबिक शुष्क दिवस के दौरान प्रदेश की सभी देशी और विदेशी मदिरा की फुटकर दुकानें बंद रहेंगी। यानी शुक्रवार को शराब खरीदने के लिए निर्धारित मदिरा दुकानों पर बिक्री नहीं होगी।
होटल, रेस्टोरेंट और बार में भी शराब पर रोक
शुष्क दिवस का प्रभाव केवल शराब दुकानों तक सीमित नहीं रहेगा। रेस्टोरेंट बार, होटल-बार, क्लब, अहाता सहित मदिरा बेचने या परोसने वाले सभी लाइसेंसी प्रतिष्ठानों को भी बंद रखा जाएगा।
इसके अलावा भांग और भांगघोटा की फुटकर दुकानें भी शुष्क दिवस के दौरान बंद रहेंगी।
लाइसेंसधारी प्रतिष्ठानों को भी नहीं मिलेगी छूट
राज्य शासन ने स्पष्ट किया है कि शुष्क दिवस के दौरान किसी भी होटल, रेस्टोरेंट, क्लब या अन्य प्रतिष्ठान को शराब बेचने अथवा परोसने की अनुमति नहीं होगी।
यह प्रतिबंध गैरमालिकाना क्लब, रेस्टोरेंट और स्टार होटलों पर भी समान रूप से लागू रहेगा। यानी लाइसेंसधारी होने के बावजूद इन प्रतिष्ठानों में शुष्क दिवस के दौरान मदिरा की बिक्री या परोसने की अनुमति नहीं होगी।
निजी तौर पर शराब रखने पर भी रहेगी सख्ती
शुष्क दिवस के दौरान मदिरा के व्यक्तिगत भंडारण और गैर-लाइसेंसी परिसरों में शराब रखने पर भी प्रतिबंध रहेगा। आबकारी विभाग और संबंधित प्रशासनिक अमले द्वारा नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की जाएगी।
नियम तोड़े तो जब्ती के साथ होगी कार्रवाई
शासन के निर्देशों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित मदिरा को जब्त किया जाएगा और नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि शुष्क दिवस के दौरान प्रदेश में शराब की बिक्री या अवैध भंडारण न हो।
जन्माष्टमी पर लागू रहेगा आदेश
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मद्देनजर घोषित यह शुष्क दिवस 4 सितंबर 2026, शुक्रवार को पूरे छत्तीसगढ़ में प्रभावी रहेगा। शासन ने संबंधित विभागों और अधिकारियों को आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।






