रायगढ़ में खैर-तेंदू की अवैध कटाई और भंडारण के बड़े सिंडिकेट का खुलासा, पुलिस-वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई

पुलिस कंट्रोल रूम में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एसएसपी शशि मोहन सिंह और डीएफओ अरविंद पीएम ने दी जानकारी
रायगढ़। जिले के वन क्षेत्रों में खैर और तेंदू प्रजाति की लकड़ियों की अवैध कटाई तथा उनके गैरकानूनी भंडारण से जुड़े एक बड़े नेटवर्क का पुलिस और वन विभाग ने खुलासा किया है। मामले का खुलासा शुक्रवार को पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान किया गया।
संयुक्त कार्रवाई से जुड़े मामले की जानकारी एसएसपी शशि मोहन सिंह, डीएफओ रायगढ़ अरविंद पीएम, एडिशनल एसपी अनिल सोनी और सीएसपी मयंक मिश्रा ने मीडिया के सामने साझा की।
वन संपदा की अवैध कटाई पर संयुक्त कार्रवाई
पुलिस एवं वन विभाग की टीम ने जिले के वन क्षेत्रों में खैर और तेंदू प्रजाति की लकड़ियों की कटाई तथा उनके अवैध भंडारण से जुड़े मामलों की जांच की। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर संबंधित नेटवर्क के विरुद्ध कार्रवाई की गई।
बड़े नेटवर्क तक पहुंचने का दावा
अधिकारियों के मुताबिक कार्रवाई के दौरान केवल अवैध लकड़ी बरामद करने तक सीमित न रहते हुए उसके पीछे सक्रिय नेटवर्क की जानकारी जुटाने पर भी जोर दिया गया। जांच के आधार पर इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों और स्थानों की भी पड़ताल की जा रही है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अधिकारियों ने दी जानकारी
पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अधिकारियों ने संयुक्त कार्रवाई और अब तक सामने आए तथ्यों की जानकारी दी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि वन संपदा की अवैध कटाई और तस्करी को रोकने के लिए पुलिस तथा वन विभाग के बीच समन्वय के साथ कार्रवाई जारी रहेगी।
वन संपदा की सुरक्षा को लेकर सख्ती
खैर और तेंदू जैसी वन प्रजातियों की अवैध कटाई से वन संपदा को नुकसान पहुंचता है। ऐसे मामलों में अवैध कटाई, परिवहन और भंडारण से जुड़े लोगों पर नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की बात अधिकारियों ने कही।
मामले की जांच आगे भी जारी है और कार्रवाई के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों पर भी शिकंजा कसने की तैयारी है।






